






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 सितम्बर 2024। श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 11 – Sep – 2024
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि अष्टमी 11:48 PM
🔅 नक्षत्र ज्येष्ठा 09:22 PM
🔅 करण :
विष्टि 11:37 AM
बव 11:37 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग प्रीति 11:54 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:17 AM
🔅 चन्द्रोदय 01:31 PM
🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक
🔅 चन्द्र वास उत्तर
🔅 सूर्यास्त 06:43 PM
🔅 चन्द्रास्त 11:40 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 12:25 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत भाद्रपद
🔅 मास पूर्णिमांत भाद्रपद
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित कोई नहीं
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:05 PM – 12:55 PM
🔅 कंटक 05:03 PM – 05:53 PM
🔅 यमघण्ट 08:46 AM – 09:36 AM
🔅 राहु काल 12:30 PM – 02:03 PM
🔅 कुलिक 12:05 PM – 12:55 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:07 AM – 07:56 AM
🔅 यमगण्ड 07:50 AM – 09:23 AM
🔅 गुलिक काल 10:56 AM – 12:30 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ
📜 चोघडिया 📜
🔅 लाभ 06:17 AM – 07:50 AM
🔅 अमृत 07:50 AM – 09:23 AM
🔅 काल 09:23 AM – 10:57 AM
🔅 शुभ 10:57 AM – 12:30 PM
🔅 रोग 12:30 PM – 02:03 PM
🔅 उद्वेग 02:03 PM – 03:37 PM
🔅 चल 03:37 PM – 05:10 PM
🔅 लाभ 05:10 PM – 06:43 PM
🔅 उद्वेग 06:43 PM – 08:10 PM
🔅 शुभ 08:10 PM – 09:37 PM
🔅 अमृत 09:37 PM – 11:03 PM
🔅 चल 11:03 PM – 00:30 AM
🔅 रोग 00:30 AM – 01:57 AM
🔅 काल 01:57 AM – 03:23 AM
🔅 लाभ 03:23 AM – 04:50 AM
🔅 उद्वेग 04:50 AM – 06:17 AM
❄️ लग्न तालिका ❄️
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 04:27 AM समाप्त: 06:44 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 06:44 AM समाप्त: 09:00 AM
🔅 तुला चर
शुरू: 09:00 AM समाप्त: 11:20 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 11:20 AM समाप्त: 01:38 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 01:38 PM समाप्त: 03:43 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 03:43 PM समाप्त: 05:26 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 05:26 PM समाप्त: 06:54 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:54 PM समाप्त: 08:20 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 08:20 PM समाप्त: 09:56 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 09:56 PM समाप्त: 11:52 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:52 PM समाप्त: अगले दिन 02:07 AM
🔅 कर्क चर
शुरू: अगले दिन 02:07 AM समाप्त: अगले दिन 04:27 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
☘️ राधाष्टमी आज:- सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि श्री राधाष्टमी के नाम से प्रसिद्ध है। शास्त्रों में इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य दिवस माना गया है। श्री राधाजी वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं। राधाष्टमी भगवान और मनुष्य के बीच एक अद्वितीय संबंध का प्रतीक है, जो श्रीकृष्ण और राधारानी के निःस्वार्थ दैवीय प्रेम बंधन को दर्शाता है। इस साल राधाष्टमी आज बुधवार को है। बरसाने में राधाष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग भजन कीर्तन के साथ हर्षोल्लास से राधारानी को रिझाने के लिए पूजन करते है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




