






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 12 अप्रैल 2025 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य विष्णुदत्त शास्त्री के सा
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 12-Apr-2025
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि पूर्णिमा 05:54 AM
🔅 नक्षत्र हस्त 06:08 PM
🔅 करण विष्टि, बव 04:38 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग व्याघात 08:38 PM
🔅 वार शनिवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:12 AM
🔅 चन्द्रोदय 06:30 PM
🔅 चन्द्र राशि कन्या
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 06:57 PM
🔅 चन्द्रास्त 06:06 AM
🔅 ऋतु वसंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 12:44:34
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत चैत्र
🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 12:09 PM 01:00 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 06:12 AM 07:03 AM
🔅 कंटक 12:09 PM 01:00 PM
🔅 यमघण्ट 03:33 PM 04:24 PM
🔅 राहु काल 09:23 AM 10:59 AM
🔅 कुलिक 07:03 AM 07:54 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 01:51 PM 02:42 PM
🔅 यमगण्ड 02:10 PM 03:46 PM
🔅 गुलिक काल 06:12 AM 07:48 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅 काल 06:11 AM – 07:47 AM
🔅 शुभ 07:47 AM – 09:23 AM
🔅 रोग 09:23 AM – 10:59 AM
🔅 उद्वेग 10:59 AM – 12:34 PM
🔅 चल 12:34 PM – 02:10 PM
🔅 लाभ 02:10 PM – 03:46 PM
🔅 अमृत 03:46 PM – 05:21 PM
🔅 काल 05:21 PM – 06:57 PM
🔅 लाभ 06:57 PM – 08:21 PM
🔅 उद्वेग 08:21 PM – 09:46 PM
🔅 शुभ 09:46 PM – 11:10 PM
🔅 अमृत 11:10 PM – 00:34 AM
🔅 चल 00:34 AM – 01:59 AM
🔅 रोग 01:59 AM – 03:23 AM
🔅 काल 03:23 AM – 04:47 AM
🔅 लाभ 04:47 AM – 06:11 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 04:54 AM समाप्त: 06:18 AM
🔅 मेष चर
शुरू: 06:18 AM समाप्त: 07:56 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:56 AM समाप्त: 09:52 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:52 AM समाप्त: 12:07 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 12:07 PM समाप्त: 02:27 PM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 02:27 PM समाप्त: 04:44 PM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:44 PM समाप्त: 07:01 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 07:01 PM समाप्त: 09:20 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 09:20 PM समाप्त: 11:39 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 11:39 PM समाप्त: 01:43 AM
🔅 मकर चर
शुरू: 01:43 AM समाप्त: 03:26 AM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 03:26 AM समाप्त: 04:54 AM
।। आज का दिन मंगलमय हो ।।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पढने और गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌼 आप सभी को भगवान हनुमान जी के प्राकट्य दिवस की हार्दिक शुभकामनायें, जय श्री हनुमान
आज चैत्र माह की पूर्णिमा, भगवान श्री राम जी के परम भक्त, पवनसुत हनुमान जी का प्राकट्य दिवस है ।
माना जाता है की त्रेतायुग के अन्तिम चरण चैत्र माह की पूर्णिमा, मंगलवार के दिन, चित्रा नक्षत्र, मेष लग्न के योग में सुबह 4 बजे श्री हनुमान जी ने वानरराज केसरी और देवी अंजना के यहां माँ अंजना के कोख से वानर रूप में अवतार लिया था लिया था । वे भगवान् शिव के 11 वें अवतार थे ।
एक मान्यता के अनुसार इंद्र के राज्य में विराजमान वायुदेव ने ही माता अंजनी के गर्भ में हनुमानजी को भेजा था, इस कारण उन्हें वायुपुत्र एवं पवनपुत्र भी कहा जाता है।
शास्त्रों के मुताबिक मंगलवार और शनिवार हनुमान जी का दिन होता है और उस दिन उनकी अराधना का साधक को विशेष लाभ होता है मान्यता है कि हनुमान जयंती / हनुमान जन्मोत्सव यदि मंगलवार अथवा शनिवार के दिन पड़े तो इस दिन हनुमान जी की अराधना या किये गए उपाय उनके भक्तो को अति विशेष फल प्रदान करते है।
आज किसी भी हनुमान मंदिर में जाकर बजरंग बलि जी के दर्शन अवश्य ही करें । मान्यता है कि आज के दिन मंदिर में हनुमान जी के दर्शन, प्रशाद चढ़ाने से पूरे वर्ष का फल मिल जाता है ।
हनुमान जी को सिंदूर बहुत प्रिय है। हनुमान जी की कृपा पाने, किसी भी संकट से छुटकारा पाने के लिए हनुमान जंयती के दिन बजरंगबली को सिंदूर का चोला अवश्य चढ़ाएं ।
कार्यो में श्रेष्ठ सफलता के लिए हनुमान जी को लौंग लगे मीठे पान का भोग लगाएं ।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026



