






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 13 अप्रैल 2025 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य विष्णुदत्त शास्त्री के साथ
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 13-Apr-2025
☀ Sri Dungargarh, India
☀ आज का पंचांग
🔅 तिथि प्रतिपदा पूर्ण रात्रि
🔅 नक्षत्र चित्रा 09:11 PM
🔅 करण बालव 07:11 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग हर्शण 09:37 PM
🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:11 AM
🔅 चन्द्रोदय 07:23 PM
🔅 चन्द्र राशि 07:39 AM
🔅 चन्द्र वास पश्चिम 07:39 AM
🔅 सूर्यास्त 06:57 PM
🔅 चन्द्रास्त चन्द्रास्त नहीं
🔅 ऋतु वसंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 12:46:11
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत चैत्र
🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 12:09 PM 01:00 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 05:15 PM 06:06 PM
🔅 कंटक 10:27 AM 11:18 AM
🔅 यमघण्ट 01:51 PM 02:42 PM
🔅 राहु काल 05:22 PM 06:57 PM
🔅 कुलिक 05:15 PM 06:06 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 12:09 PM 01:00 PM
🔅 यमगण्ड 12:34 PM 02:10 PM
🔅 गुलिक काल 03:46 PM 05:22 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु,
📜 चोघडिया 📜
🔅 उद्वेग 06:10 AM – 07:46 AM
🔅 चल 07:46 AM – 09:22 AM
🔅 लाभ 09:22 AM – 10:58 AM
🔅 अमृत 10:58 AM – 12:34 PM
🔅 काल 12:34 PM – 02:10 PM
🔅 शुभ 02:10 PM – 03:46 PM
🔅 रोग 03:46 PM – 05:22 PM
🔅 उद्वेग 05:22 PM – 06:58 PM
🔅 शुभ 06:58 PM – 08:22 PM
🔅 अमृत 08:22 PM – 09:46 PM
🔅 चल 09:46 PM – 11:10 PM
🔅 रोग 11:10 PM – 00:34 AM
🔅 काल 00:34 AM – 01:58 AM
🔅 लाभ 01:58 AM – 03:22 AM
🔅 उद्वेग 03:22 AM – 04:46 AM
🔅 शुभ 04:46 AM – 06:10 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 04:50 AM समाप्त: 06:15 AM
🔅 मेष चर
शुरू: 06:15 AM समाप्त: 07:52 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:52 AM समाप्त: 09:48 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:48 AM समाप्त: 12:03 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 12:03 PM समाप्त: 02:23 PM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 02:23 PM समाप्त: 04:40 PM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:40 PM समाप्त: 06:57 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 06:57 PM समाप्त: 09:16 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 09:16 PM समाप्त: 11:35 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 11:35 PM समाप्त: 01:39 AM
🔅 मकर चर
शुरू: 01:39 AM समाप्त: 03:22 AM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 03:22 AM समाप्त: 04:50 AM
🌺।। आज का दिन अत्यंत मंगलमय हो ।।🌺
दिन (वार) रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य देवे
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है । अत: रविवार के दिन मंदिर में भैरव जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026



