May 21, 2026
24-sep

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 सितंबर 2025। श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 24-Sep-2025
☀ Sri Dungargarh, India

🔅 तिथि तृतीया पूर्ण रात्रि
🔅 नक्षत्र चित्रा 04:16 PM
🔅 करण तैतिल 05:58 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग एन्द्र 09:02 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:22 AM
🔅 चन्द्रोदय 08:26 AM
🔅 चन्द्र राशि तुला
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 06:28 PM
🔅 चन्द्रास्त 07:40 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 12:05:49
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:01 PM 12:50 PM
🔅 कंटक 04:52 PM 05:40 PM
🔅 यमघण्ट 08:48 AM 09:36 AM
🔅 राहु काल 12:25 PM 01:56 PM
🔅 कुलिक 12:01 PM 12:50 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 07:11 AM 07:59 AM
🔅 यमगण्ड 07:53 AM 09:24 AM
🔅 गुलिक काल 10:55 AM 12:25 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

📜 चोघडिया 📜

🔅 लाभ 06:23 AM – 07:54 AM
🔅 अमृत 07:54 AM – 09:24 AM
🔅 काल 09:24 AM – 10:55 AM
🔅 शुभ 10:55 AM – 12:25 PM
🔅 रोग 12:25 PM – 01:56 PM
🔅 उद्वेग 01:56 PM – 03:27 PM
🔅 चल 03:27 PM – 04:57 PM
🔅 लाभ 04:57 PM – 06:28 PM
🔅 उद्वेग 06:28 PM – 07:57 PM
🔅 शुभ 07:57 PM – 09:27 PM
🔅 अमृत 09:27 PM – 10:56 PM
🔅 चल 10:56 PM – 00:25 AM
🔅 रोग 00:25 AM – 01:55 AM
🔅 काल 01:55 AM – 03:24 AM
🔅 लाभ 03:24 AM – 04:54 AM
🔅 उद्वेग 04:54 AM – 06:23 AM

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:54 AM समाप्त: 08:10 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 08:10 AM समाप्त: 10:29 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 10:29 AM समाप्त: 12:48 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 12:48 PM समाप्त: 02:53 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 02:53 PM समाप्त: 04:36 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 04:36 PM समाप्त: 06:04 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:04 PM समाप्त: 07:30 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 07:30 PM समाप्त: 09:06 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 09:06 PM समाप्त: 11:02 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:02 PM समाप्त: 01:17 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: 01:17 AM समाप्त: 03:37 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 03:37 AM समाप्त: 05:54 AM

🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺

बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
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🌼 आज शरद नवरात्री का तीसरा दिन है । नवरात्री के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है।

इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी के नाम से जाना जाता है।

माँ चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। माता के दस हाथ हैं जिनमे तलवार, त्रिशूल, खड्ग, बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। माता का वाहन सिंह है।

मां चंद्रघंटा देवी देवी पार्वती का विवाहित रूप हैं। भगवान भोलेनाथ जी से विवाह करने के बाद माता ने अपने मस्तक पर अर्धचंद्र को सजाना शुरू कर दिया था, इसीलिए मां पार्वती को मां चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है।

नवरात्री के तीसरे दिन माता के भक्त का मन ‘मणिपूर’ चक्र में प्रविष्ट होता है। माँ चंद्रघंटा के घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों की रक्षा करती है।

मां चंद्रघंटा की कृपा से भक्तो के समस्त संकटो और पापो का नाश हो जाता हैं। मान्यता है कि मां अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उन्हें उन्हें सुख-शांति व समृद्धि प्रदान करती हैं ।

आज माँ के मन्त्र का जाप अवश्य करें

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

मां चन्द्रघंटा को नारंगी रंग प्रिय है। माँ की पूजां के समय भक्तो को नारंग, गेरुए रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026