






तीन वार्ड लगने वाली इस गली में सड़क नहीं केवल गढ्ढे बचे है, बेहाल नागरिक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 जुलाई 2024। विधानसभा चुनाव के बाद पालिका के हाल बद से बदतर हो गए है और कस्बे में सफाई का मुद्दा ही हल होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में नागरिकों में बेहाल सड़कों को लेकर रोष बढ़ता नजर आ रहा है। वार्ड 37 की एक मुख्य गली है जिसमें प्राय: हर घर में रहवासी बस रहें है। और ये गली वार्ड 36 व 38 को भी छू रही है। मालू भवन के पीछे वाली ये गली पायल हाऊस से हेमराज झाबक के घर तक बुरे हाल ही नहीं फटे हाल है। सड़क के नाम पर केवल गढ्ढे बचे है और इस गली के रहवासियों में ट्रिपल इंजन की सरकार के प्रति घोर निराशा व नाराजगी है। सड़क के सारे पत्थर उखड़ गए है और जाम नालियों से ओवरफ्लो पानी ने जगह जगह गढ्ढे बना डाले है। पार्षद डॉली झंवर ने सुनवाई नहीं होने पर इस्तीफा देने की बात कहते हुए आक्रोश जताया। वार्डवासी इसके शीघ्र समाधान की लगातार मांग रहें है।
निजी खर्च से हुआ था निर्माण, दो साल से मरम्मत को भी तरसी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नागरिकों ने बताया कि पालिका या विधायक ने कभी इस सड़क की सुध नहीं ली है। इस सड़क का निर्माण दिवंगत एडवोकेट एलसी बिहाणी ने निजी खर्च से करवाया था। वर्षों पूर्व हुआ ये निर्माण अब धवस्त हो गया है और गत दो वर्षों से नागरिक लगातार इसके पुर्ननिर्माण की मांग कर रहें है। डॉली देवी ने कहा कि पालिकाध्यक्ष को बीसों बार लिखित में देकर इस सड़क के निर्माण की मांग की गई है। वहीं इसी गली में आगे वार्ड 36 के पार्षद व उपाध्यक्ष बंशीधर सुथार का मकान है और वार्ड 38 के पार्षद लोकेश गौड़ का मकान भी इस गली से अगली गली में है। गुरूवार को साधारण सभा की बैठक में अनुपस्थित रही डॉली देवी ने कहा कि फिलहाल वे पार्टी के किसी आयोजन में भाग नहीं ले रही है। नागरिकों के उलाहने और एक भी कार्य की सुनवाई नहीं होने से परेशान डॉली ने अपने पद से इस्तीफा देने तक की पेशकश कर दी है।
वाहनों का मेंटनेंस खर्च दुगुना, रोज हो रही है दुर्घटनाएं।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वार्ड 37 की फटेहाल सड़क पर गुरूवार को एक मोटरसाइकिल सवार के गिरकर चोटिल होने व शुक्रवार को एक बुजुर्ग के गिर जाने से नागरिक नाराज है। नागरिकों ने बताया कि लगातार यहां दुर्घटनाएं हो रही है। स्कूलों बसों व वाहन चालकों ने तो रूट बदल लिए है परंतु गली के लोगों को तो आना-जाना तो इसी रास्ते से करना पड़ता है। सड़क के सारे पत्थर बिखर गए है और जगह जगह गढ्ढे हो गए है। यहां के रहवासियों के वाहनों का मेंटनेंस खर्च दुगुना हो गया है।
रोजाना हो रही बैठक, विरोध की बन रही रणनीति।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस गली के नागरिकों की एक हफ्ते से करीब रोजाना शाम को बैठकें हो रही है। सभी मिल कर विरोध की रणनीति बना रहें है। यहां ओमप्रकाश धुपड़, हनुमान मल झाबक, हेमराज झाबक, शिवप्रसाद सोनी, सावित्री देवी ने आक्रोश जताते हुए बताया कि बुजुर्गों का घर से निकलना बंद हो गया है। सड़क के गढ्ढों के कारण यहां बच्चों व महिलाओं के लिए भी घर से निकलना खतरा बन गए है। कुछ लोग विधायक कोटे से तो कुछ पालिका बजट से बनवाए जाने की बात कह रहें है। वहीं कुछ युवा नाराजगी जताते हुए पीडब्ल्यूडी से सड़क की मांग किए जाने की बात कह रहें है। जो भी बहरहाल नागरिक समाधान चाहते है।






