






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 फरवरी 2024। आज बसंत पंचमी है और क्षेत्र में बसंत के आगमन की आहट के साथ ही धरती पर बासंती रंग छाने लगा है। नव अंकुरित फसलों ने धरती की गोद को हरा-भरा कर दिया है। इस समय खेंतो में खड़ी गेहूं, चना, मैथी की फसलों ने जहां हरे रंग की सुदंर छटा बिखरा दी है। वहीं पीले फूलों से लदी सरसों की डालियां बासंती रंग से तन मन को हर्षोल्लासित कर रही है। मनभावन वातावरण में लोग खेत देखने पहुंच रहें है। खेतों में लहलहा रही सरसों की फसल ने मानो मरुधरा को पीली चुनरिया ओढ़ा दी है। धरती श्रृंगारित होकर उमंग से भरी चहकती सी नजर आ रही है। श्रीडूंगरगढ़ अंचल में आज महिलाएं व बच्चे पीले वस्त्रों में नजर आ रहें है। घरों व मंदिरों में माँ सरस्वती का पूजन किया जा रहा है। माताएं और बच्चे विद्या व ज्ञान के लिए श्रद्धा के साथ माता का पूजन कर रहें है। घर हो या मंदिर हो अलसुबह से माता सरस्वती मंत्रो से गूंज रहें है व ज्ञान की देवी की धूप दीप से आरती की गई। सिंधी कॉलोनी में झूलेलाल मंदिर में बच्चों ने सुबह पीले फूलों के साथ माँ का पूजन किया और सरस्वमी वंदना गाई। कुछ बालिकाओं ने सरस्वती माँ का वेश धारण किया। मंदिर प्रागंण में शाम 5 बजे से 6 बजे भी सरस्वती पूजन, वंदना व आरती के कार्यक्रम का आयोजन होगा। वहीं घरों में भी माता का पूजन कर प्रसाद बनाकर भोग लगाए गए है। सभी स्कूलों में भी सरस्वती पूजन के आयोजन हो रहें है।









