






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 जून 2022। श्रीडूंगरगढ़ में तीन दिनों से भक्ति व श्रद्धा की सरिता बहा रहें युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी ने आज श्रीडूंगरगढ़ में तेरापंथ भवन उपरलो में प्रवचन के तीसरे दिन श्रीडूंगरगढ़ में सभी धर्मों को मैत्री भाव व सद्भाव से रहने का संदेश दिया है। आचार्यश्री ने कहा कि सभी धर्म अच्छे है मानव जीव मात्र के साथ सद्भाव से रहें। सभी नागरिक जीवन में सदाचार अपनाएं। उन्होंने कहा धर्म कोई भी हो हिंसा का मार्ग नहीं दिखाता है और अहिंसा का मार्ग ही सद्भाव मार्ग है। प्रति व्यक्ति के जीवन में ईमानदारी, नैतिकता व नशा मुक्ति को दृढ़ता से अपनाने की प्रेरणा देते हुए पाप से बचने और पुण्य कर्मों से जुड़ने की बात कही। आचार्यश्री ने सम्पूर्ण तेरापंथ को एकजुट होने की बात कहते हुए एकता का संदेश दिया।
जन जन ने कुया चातुर्मास की रही अरदास।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। तेरापंथ समाज के सभी वक्ताओं का साथ देते हुए श्रावक श्राविकाओं ने आचार्यश्री से चातुर्मास फरमाने की अरदास किया। पांडाल में उपस्थित सैंकड़ो जनों ने एक स्वर में “श्रीडूंगरगढ़ की एक ही मांग चातुर्मास चातुर्मास” के नारे लगाए। आचार्यश्री ने मुस्कुराते हुए आशीर्वाद दिया और आश्वासन देते हुए कहा कि श्रीडूंगरगढ़ में चातुर्मास के लिए रास्ते खुले है।





