May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 नवंबर 2023। मतदान तिथि में अब केवल आज सहित तीन दिन शेष है। चुनाव आयोग ने शत प्रतिशत मतदान की जागरूकता के लिए अनेक प्रयास किए है और पहली बार बुजुर्गों के लिए होम वोटिंग का सराहनीय प्रयास भी प्रारंभ किया। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में दो बुजुर्ग महिला मतदाताओं ने अपने घर से वोट दिया और मतदान अधिकार का प्रयोग करने के बाद मतदान तिथि से पहले ही संसार को अलविदा कह गई। परिजनों को हैरत है कि दादी वोट देवण ही अडिक ही, ऐसे में लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए निभाई गई इस अंतिम जिम्मेदारी के लिए उनकी चर्चा गांव भर में हो रही है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में जनकल्याणकारी सरकारों को चुन कर सत्ता सौंपने की ये परंपरा निभा कर दोनों बुजुर्ग मतदाताओं ने मृत्यु से बड़ा मतदान साबित किया है। दोनों ही बुजुर्ग मृतक महिलाओं के परिजनों ने शत प्रतिशत मतदान का संकल्प लेते हुए सभी नागरिकों से जागरूकता के साथ मतदान जरूर करने की अपील भी की है।
रूकमा देवी और केसर देवी ने दिया अंतिम वोट।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव कल्याणसर नया की 102 वर्षीय रूकमा पत्नी हरजीराम ने 14 को अपना वोट दिया और वे 20 नवंबर को संसार को अलविदा कह गई। परिजनों ने बताया कि रूकमा देवी मतदान देकर प्रसन्न थी और सभी को वोट जरूर देवणो की सीख भी देती थी। वहीं 86 वर्षीय केसर पत्नी अमराराम गोदारा ने भी 14 को होम वोटिंग का प्रयोग किया और 19 को वे दुनिया से विदा हो गई है। केसर देवी के परिजनो ने बताया कि उनके पूरे परिवार में ही वोट देने का चाव सभी को है और दादी होम वोटिंग से बहुत प्रसन्न हुई थी। बीएलओ संतोष सोनी ने बताया कि कल्याणसर नया में पांच जनों ने होमवोटिंग का प्रयोग किया और दो का वोट देने के बाद देहांत हो गया।
रह ना जाए वोट नहीं देने का मलाल..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वहीं इसी गांव में एक अन्य बुजुर्ग 86 वर्षीय गणपतराम गोदारा चुनावी चर्चा और मतदान के बहुत शौकिन थे। घर वालों ने उनसे होम वोट देने का आग्रह भी किया। परंतु गणपतराम ने मना करते हुए कहा कि मैं मतदान के दिन वोट देने जाकर वोट दुंगा। दुर्भाग्य से गणपतराम गोदारा का देहांत हो गया और परिजनों को उनके मतदान से वंचित रहने का मलाल रह गया है। परिजनों ने बताया कि घर में कोई भी उनसे मिलने आता तो यही कहते थे कि वोट देकर मरूंगा और वे स्वस्थ भी थे परंतु अचानक उनका देहांत हो गया। परिजनों ने कहा कि उन्हें मतदान का बड़ा चाव था और वे जिस नेता के प्रशंसक थे उनका नाम भी सुनकर खिल जाते थे। बीएलओ संतोष कुमार सोनी ने बताया कि रूकमादेवी के देवर गणपतराम को होम वोटिंग के लिए पेशकश की परंतु वे नहीं माने और उन्होंने वोट देने जाने की बात कही। वे स्वयं वोट तो नहीं दे पाए परंतु सभी नागरिकों को वोट जरूर देने की सीख जरूर दे गए। गांव भर में तीनो जागरूक बुजुर्गों की चर्चा है और जागरूक युवा भी मतदान शत प्रतिशत करने की बात गांव ढाणी के लोगों को कहते नजर आ रहें है। बता देवें शनिवार को अपने बूथ पर जाकर वोट जरूर देकर लोंकतंत्र में अपनी भागीदारी जरूर निभाएं।

केसर देवी
रुकमा देवी