






तीन कृषि बिल। किसानों का विरोध और संयुक्त किसान मोर्चा का गठन। टोल फ्री किया। राष्ट्रीय राजमार्ग रोके। दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रेक्टर रैली। टकराहट। हरियाणा में सरकार से टकराहट। एक लंबा आंदोलन पहुंचा मुज़फ्फरनगर। किसान महापंचायत। देश – विदेश के मीडिया की इस पर नजर।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस महापंचायत में लोगों को आने से रोकने के प्रयास किये। इंटरनेट बंद किया गया। मगर अपने बूते बड़ी संख्या में किसान देश के अलग अलग हिस्सों से पहुंचे। किसान मोर्चे के दावा है कि 5 लाख से अधिक किसान पहुंचे।
संख्या को लेकर विवाद हो सकता है मगर किसानों की तादात बहुत थी। उससे भी बड़ी बात थी इस महापंचायत के निर्णय।
राकेश टिकेत, नरेश टिकेत, योगेंद्र यादव आदि ने मंच से अल्लाह हो अकबर, बोले सो निहाल के उद्घोष कर कौमी एकता का संदेश दिया। केंद्र और यूपी सरकार पर पिछला चुनाव साम्प्रदायिक आधार पर जीतने का आरोप भी लगाया। मुज़फ्फरनगर के लोगों का किसानों को साथ मिला।
महापंचायत में मिशन यूपी की घोषणा की गई। भाजपा के विरोध का ऐलान हुआ। किसान मोर्चा यूपी में 18 महापंचायत करेगा। उत्तराखंड में भी किसान महापंचायत करेंगे।
किसानों की इस लड़ाई में विपक्ष भी उपस्थिति दर्ज कराने के प्रयास करता नजर आया। सपा ने इसी दिन सम्मेलन किया और अखिलेश यादव ने किसानों का समर्थन किया। बसपा ने भी सम्मेलन कर किसानों के साथ की बात कही। जयंत चौधरी तो दो कदम आगे रहे। उन्होंने किसानों पर पुष्प वर्षा के लिए हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति मांगी पर नहीं मिली। कांग्रेस लगातार सोशल मीडिया से किसानों का समर्थन करती रही। खुद प्रियंका गांधी सक्रिय रही।
ऐसा नहीं था कि भाजपा बेखबर थी। वो भी इस महापंचायत पर नजरें गड़ाये थी। महापंचायत की घोषणा ने भाजपा और सीएम योगी आदित्यनाथ को परेशान किया है। एक आंकलन के अनुसार किसान विधान सभा की 100 सीटों पर असर डाल सकते हैं। वहीं पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश की लोक सभा सीटें भी प्रभावित होती है। ये असर होता है तो भाजपा के सामने मुसीबत खड़ी होगी, पार्टी का आलाकमान ये जानता है।
किसानों और सरकार की टकराहट आने वाले यूपी विधान सभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करेगी, ये तो अब साफ दिखने लगा है। भाजपा का चुनाव कम्पेन भी महापंचायतों से बिगड़ेगा। किसान झुकेंगे नहीं, ये उन्होंने इस महापंचायत से जता दिया। अब बीच का रास्ता निकलता भी नहीं दिखता। किसान का मूड भाजपा के समीकरण जरूर बिगाड़ेगा। मुज़फ्फरनगर की किसान महापंचायत यूपी की राजनीति में उलटफेर का आधार बनेगी, कितना बनेगी ये समय बतायेगा।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार



