






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 जुलाई 2025। क्षेत्र के गांव ठुकरियासर के दलित सरपंच अमराराम गांधी को प्रशासक के रूप में हटा कर चार्ज उपसरपंच जमनादेवी सारस्वत को देने के विरोध भी तेज हो रहा है। इस निर्णय के विरोध में विपक्ष उतर आया है एवं इसे सामंतवादी सोच का तानाशाही निर्णय बताते हुए विरोध दर्ज करवाने की मुहिम छेड़ दी गई है। सरपंच अमराराम ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए स्वंय के दलित होने के कारण यह अन्याय किए जाने की बात कही है। गांधी ने बताया कि विवाद राज्य सरकार द्वारा बजट 2024-2025 में ठुकरियासर में घोषित किए गए 132 केवी जीएसएस के स्थान से शुरू हुआ था एवं इस जीएसएस के लिए पंचायत द्वारा स्टेट हाईवे के पास खाली पड़ी गोचर भूमि पर एनओसी दे दी गई। लेकिन इस सार्वजनिक भूमि पर प्रभावशाली लोगों का कब्जा किया जा रहा है एवं इसी कारण उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया। जमीन बदलने के लिए 20 सितम्बर 2024 को सरपंच की अनुपस्थिति में जबरन ग्राम सभा आयोजित की गई एवं इसका विरोध किया गया तो मुझ पर मुकदमे करवा दिए गए। उसके बाद से ही लगातार 10 महिने हो गए पंचायत के खाते सीज है एवं जनता के काम भी रूके पड़े है। गांधी के सर्मथन में दलित अधिकार कार्यकर्ता राजेन्द्र बापेऊ ने भी प्रशासन के इस निर्णय पर रोष जताया है एवं ठुकरियासर सरपंच को प्रशासक हटाने की कार्रवाही को दलितों के साथ अन्याय बताया है। इस संबध में युवा नेता विवेक माचरा ने भी मोर्चा खोल दिया है एवं इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए किसी भी सूरत में सहन नहीं किए जाने की चेतावनी दी है। माचरा ने बताया कि इस संबध में शुक्रवार को बीकानेर आ रहे पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात की जाएगी एवं केवल दलित होने के नाते किए जा रहे अन्याय से अवगत करवाया जाएगा। वहीं गांधी को हटाने के संबध में सोशल मीडिया पर भी विरोध शुरू हो गया है।



