May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 अगस्त 2024। सेवा में सहयोग देने के लिए बहुत बड़ा भामाशाह या दानदाता होने की ही अनिवार्यता नहीं है बल्कि सेवा में जुड़ने के लिए सर्मपण भावों का होना आवश्यक है। ऐसे ही सर्मपण भावों का अनुठा उदाहरण कस्बे के कालूबास निवासी गोरधन जाट ने दिया है। क्षेत्र में आपातकालीन सेवाएं दे रही एपीजे अब्दुल कलाम सोसायटी की एम्बुलैंस आज से 15 दिन पहले तकनीकी दिक्कतों के कारण खराब हो गई थी। ऐसे में आपातकालीन सेवाओं में आ रही बाधाओं को देखते हुए गोरधन जाट ने आगे आकर अपनी निजी एम्बुलैंस सोसायटी की एम्बुलैंस ठीक होकर आने तक के लिए निशुल्क प्रदान कर दी। शनिवार शाम को सोसायटी की एम्बुलैंस सही होकर आ गई तो सोसायटी द्वारा गोरधान को उसकी एम्बुलैंस लौटा दी गई एवं इस मौके पर सोसायटी द्वारा उनका सम्मान करते हुए आभार जताया गया।