






बैंकों में विवादित ट्रांजेक्शन पर खाते फ्रीज नहीं होंगे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ऑनलाइन ठगी या विवादित रकम बैंक खातों में ट्रांजेक्शन होने पर पुलिस खाते फ्रिज नहीं करेगी। आमजन को परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसे में पूर्व डीजी उत्कल रंजन साहू ने वीआरएस लेने से पूर्व आदेश जारी कर यह व्यवस्था की है। बैंक खातों में विवादित रकम का ट्रांजेक्शन होने पर पुलिस की ओर से व्यक्ति, कंपनी, फर्म या न्यास के खाते फ्रिज करवा दिए जाते हैं। इससे वे लोग भी परेशान होते है जिन्होंने कोई अपराध नहीं किया। अनजाने में या बहकावे में आकर अपना खाता किसी दूसरे को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया। ऐसे भी केस सामने आते है जिसमें खातेधारकों को पता ही नहीं होता और उनके खातों से बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन हो जाता है। पुलिस अब ऐसी स्थिति में बैंक खाते पूरी तरह से फ्रिज नहीं करवा सकेगी। केवल विवादित रकम को ही होल्ड करवाया जा सकेगा। पूर्व डीजीपी यूआर साहू ने वीआरएस लेने से पूर्व 10 जून को आदेश जारी कर यह व्यवस्था की है। आदेश में कहा गया है कि विवादित रकम को होल्ड करवाने की कर्रवाई एसपी के जरिए की जाए और खाताधारक को विवादित रकम से परे अपने खाते में लेनदेन करने की अनुमति रहनी चाहिए। उन्होंने ऐसे सिविल मामले जिनमें संज्ञेय अपराध सामने नहीं आता, उनमें एफआईआर दर्ज नहीं करने के लिए भी कहा है। अगर मामलों में सिविल या आपराधिक दायित्व उत्पन्न होता है और उफआईआर दर्ज की जा चुकी है तो असल दस्तावेजों की जब्ती और अभियुक्त की गिरफ्तारी से पहले एसपी से लिखित में अनुमति ली जाए।
एक जुलाई से बिना आधार के नहीं मिलेगा तत्काल रेल टिकिट।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए 1 जुलाई 2025 से आधार प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है। अब आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप पर तत्काल टिकिट बुक करने के लिए उपयोगकर्ता का आधार से जुड़ा होना जरूरी होगा। 15 जुलाई से ओटीपी आधारित पहचान प्रमाणीकरण भी लागू होगा। रेलवे का दावा है कि ये नए नियम टकट इदलालों पर शिकंजा कसने और आम यात्रियों को राहत दिलाने के उद्देश्य से लागू किए जा रहें है। भारतीय रेलवे की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार, 1 जुलाई 2025 से आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर केवल वे यात्री ही तत्काल टिकट बुक कर सेंगे जिनका आईआरसीटीसी खाता आधार से प्रमाणित है। इसके अलावा, 15 जुलाई 2025 से सभी तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। यानी टिकट बुक करते वक्त यात्रियों को उनके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। जिसे दर्ज करने के बाद ही बुकिंग पूरी होगी।
तत्कालीन सरपंच और वीडीओ पर 1.66 करोड़ के गबन का आरोप।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। निकटवर्ती नापासर ग्राम पंचायत की तत्कालन सरपंच और विकास अधिकारी पर 1.66 करोड़ रूपए के गबन का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज हुआ है। बीकानेर पंचायत समिति की विकास अधिकारी साजिया तबस्सुम की ओर से पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी अभयकरण बिठू और सरपंच सरला देवी तावणियां ने अपने कार्यकाल के दौरान 1,66,59075 रूपए का गबन किया। बिठू का पदस्थापन 26 अप्रैल, 21 से 12 दिसंबर, 22 तक रहा। बिठू इस साल 31 मार्च को रिटायर्ड हुआ है। आरोपी सरपंच 4 अक्टूबर, 20 से नापासर पंचायत को नगरपालिका घोषित करने की तारीख 7 नवबंर 24 तक रही। इस दौरान किए गए कामों में गड़बड़ियां हुई जो ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुई है। आरोपियों ने इस कार्यकाल के दौरान किए गए कामों के वाउचर ही उपलब्ध नहीं करवाए। मामला सरकार तक पहुंचा और शासन सचिव एवं आयुक्त ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने कार्रवाई के निर्देश दिए है। उसके बाद नापासर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। मामले की जांच एसएचओ लक्ष्मण सुथार करेंगे।




