






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 दिसम्बर 2025। मूंगफली की सरकारी खरीद में बिजली बिल की अनिवार्यता का नियम पूरे राज्य में केवल बीकानेर जिले में बनाया गया एवं इसके कारण किसानों की मूंगफली नहीं तुल रही थी। ऐसे में पूरे जिले में किसानों में रोष फैला हुआ था एवं किसान संगठनों, किसान नेताओं द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा था। किसानों की टोलियां सत्ता पक्ष के विधायकों के पास भी पहुंच रही थी एवं शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने भी इस संबध में जिला कलेक्टर से मुलाकात कर इस आदेश को अव्यवहारिक बताया। सारस्वत ने खरीद में भ्रष्टाचार रोकने के लिए गहन जांच करने का पक्ष तो लिया लेकिन एक ही बिल पर एक से अधिक भाईयों की जमीनें सिचिंत होने, पडौसी खेत को किराए पर लेकर उसमें काश्त करने जैसी स्थितियों के कारण बिल की अनिवार्यता हटाने की मांग की। इसके बाद शुक्रवार शाम को जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि द्वारा नया आदेश निकालते हुए किसानों को राहत दी गई है। कलेक्टर के नए आदेशों के अनुसार टोकनधारी किसान के परिवार में किसी के नाम पर बिल होगा तो भी तुलवाई की जाएगी एवं टोकनधारी किसान द्वारा अगर नया खेत खरीदा गया तो पुराने मालिक के नाम पर चल रहे बिल को भी मान्य किया जाएगा। हांलाकि इस आदेश में भी किसानों द्वारा अपने कृषि टयुबवैल के पडौसी बारानी खेत को किराए पर लेकर बुवाई किए जाने को राहत नहीं दी गई है। ऐसे किसानों के खुद के खेत में ही अगर झुठी गिरदावरी करवा ली गई है तो ही उनकी मूंगफली तुलेगी अन्यथा नहीं तुल पाएगी। इस आदेश के बाद विधायक सारस्वत ने जिला कलेक्टर का आभार जताया है। 




