






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 अक्टूबर 2022। शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति व भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का 91वां जन्मदिवस था। कस्बे में स्थित लैंगवेज ट्री इंग्लिश एकेडमी व केकेसी एकेडमी में कलाम को याद कर उनका जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान राज सर ने विद्यार्थियों को अपना आदर्श चुनने में सावधानी बरतने की बात कहते हुए मिसाइल मेन कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि कलाम साहब विद्यार्थियों के लिए एक आइकन है और उनकी जीवनी “विंग्स ऑफ फायर” पढ़कर एक विद्यार्थी ही नहीं हर आयु वर्ग का व्यक्ति अपने जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन कर एकता है। कलाम से प्रेरणा लेकर जीवन को सफल बनाया जा सकता है। केकेसी एकेडमी के निदेशक रिछपाल सिंह ने विद्यार्थियों की कलाम के जीवन से जुड़ें प्रसंग बताते हुए सफल नहीं हो जाने तक मेहनत करने की प्ररेणा दी। उन्होंने अब्दुल कलाम का प्रेरक वाक्य कि “फेल होने का मतलब हार जाना नहीं वरन ये सीखने की पहली सीढ़ी है” को बच्चों से दो बार दोहरवाया। विद्यार्थियों ने कलाम को नमन करते हुए उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों के बारे में जानकारी ली। वहीं जयपुर पब्लिक स्कूल के निदेशक कुंभाराम घिटांला ने प्रार्थना सभा में बच्चों को अब्दुल कलाम के जीवन संघर्षों की जानकारी देते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।




