






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 अक्टूबर 2025। मैंने बांध लिया प्रेम वाला कंगना, आओ आओ हरि आओ मोरे अंगना… भक्तिमय भजन पर श्रद्धालु झूम उठे, श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर श्री राधे श्री राधे के संकीर्तन में शामिल हुए। ये दृश्य साकार हुआ नेहरू पार्क में आयोजित हो रही सप्तदिवसीय भागवत कथा के दूसरे दिन। महामंडेलश्वर भास्करानंदजी महाराज ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि कथा का अनेक बार केवल श्रवण करने से नहीं वरन कथा को जीवन में उतारने पर ही कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि कथा को सुनकर मन पवित्र हो जाए और हरि प्रेम जीवन में उतरता चला जाए तो कथा सुनना सार्थक है। उन्होंने कहा कि वेद के अनुसार जीवन यापन करना ही सनातन धर्मी होना है। महाराज ने वाणी की विशेषताएं बताते हुए व्यर्थ बोलने से अच्छा मौन रहने को बताया। महाराज ने कटु बोलने की निंदा की और प्रिय बोलने को ही भला बताया। कथा के दूसरे दिन युधिष्ठर को धर्म व द्रोपदी को दया की प्रतिमूर्ति बताते हुए विभिन्न कथा प्रसंगो का उल्लेख किया। शारदा सीताराम मोहता परिवार द्वारा आयोजित कथा में दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।




