






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 मार्च 2025। केन्द्र सरकार के निर्देशों पर देशभर में भूमिगत संसाधनों की तलाश जोरों पर है और राजस्थान के बाड़मेर क्षेत्र में मिले ऑयल फिल्ड में रिफायनरी राज्य को समृद्ध बना रही है। इसी क्रम में केन्द्र सरकार के निर्णय के तहत राज्य के चूरू, बीकानेर, नागौर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर क्षेत्र में नए ऑयल फिल्ड की तलाश की जा रही है। केन्द्र सरकार की कम्पनी ऑयल इंडिया लिमिटेड़ द्वारा इस हेतु प्रांरभिक 2डी एवं 3डी भूकंपीय तरंग विधि के माध्यम से सर्वे करवाया जा रहा है। मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव आडसर, लाखनसर में इस सर्वे के लिए कम्पनी के बड़े वाईब्रेटर वाहन पहुंचें। इन हाईटेक मशीनों से जमीन में 3000 मीटर गहराई तक का एक्स-रे किया गया है। सामान्य वाहनों से कई गुना बड़ी ये मशीनें अपने विशालकाय आकार एवं एक्स-रे के लिए भूकंपीय तरंगें निकालते समय की गई आवाज, कंपन आदि के कारण क्षेत्र में जोरदार कौतूहल पैदा कर रही है। कम्पनी के प्रतिनिधियों ने गावं आडसर की अगुणी रोही में दस से अधिक किसानों के खेतों में खड़ी फसलों के बीच में से यह वाहन लेकर सर्वे किया। इस दौरान हुई तेज आवाज के कारण खेतों में बड़ी संख्या में किसान एकत्र हो गए और कौतूहल से पूरे सर्वे को देखते हुए विभिन्न चर्चाओं में मशगुल रहें। हालांकी इस संबध में अधिक जानकारी तो सर्वे की रिपोर्ट के बाद ही मिल पाएगी कि क्षेत्र की जमीन में कोयला, तेल या गैस की मात्रा कैसी है, कितनी है, बताया जा रहा है कि इस सर्वे की रिपोर्ट आने में 8 से 10 माह लगने की संभावना है।


फसलों में नुकसान, जल्द मुआवजा भुगतान की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भूमिगत सर्वे के लिए क्षेत्र में पहुंची इन मशीनों के खेतों में पहुंचने के दौरान खेतों में खड़ी फसलों में खासा नुकसान हो रहा है। इस संबध में करीब छह माह पहले भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग द्वारा श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन को पत्र भी भेजा गया था एवं पटवारियों द्वारा क्षेत्र के गांवों में इस संबध में किसानों को सहयोग हेतु सूचना भी दी गई थी। अब क्षेत्र के किसान सर्वे कम्पनी को सहयोग तो कर रहे है लेकिन फसलों में गेंहू, चने, इसबगोल पक रही है। ऐसे में फसलों को विशालकाय वाहन चलने से खासा नुकसान हो रहा है। हालांकि सर्वे के दौरान किसानों को हो रहे नुकसान के लिए लिखित मुआवजा पत्र भी कम्पनी प्रतिनिधियों द्वारा बना कर किसानों को दिया गया है। इन कंपनी कार्मिकों ने किसानों के खाता नबंर लिए जिसमें शीघ्र ही मुआवजा राशि आ जाने का आश्वासन भी दिया है। गांव आडसर के किसान बीरबल स्वामी, भगवतीप्रसाद लखारा, सत्यनारायण व्यास, रामचंद्र लखारा, सुखाराम लखारा, देवाराम लखारा, रामनिवास व्यास, लक्ष्मणराम जाखड़, संतोष लखारा, गंगाराम सारण, सुभान खान आदि ने किसानों को मुआवजे का जल्द भुगतान करवाने की मांग की है।

कोयला, तेल व गैस की तलाश में इस प्रकार होती है जांच।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भूमिगत कोयले, पेट्रोलियम तेल, गैस का पता लगाने के लिए सर्वे में सबसे पहले भूंकपीय तरंग विधि से 2डी एवं 3डी एक्स-रे किया जाता है। इसके माध्यम से विशालकाय वाईब्रेटर द्वारा जमीन के अंदर भूंकपीय तरंगें पैदा की जाती है एवं ये तरंगें जमीन के अंदर टकरा कर वापस ऊपर आती है। इससे जमीन के अंदर क्या क्या मौजूद है.? इसका अनुमान लगाया जा सकता है। इस विधि से पूर्व में क्षेत्र के गांव लखासर में पोटाश की खोज भी की गई थी एवं जल्द ही क्षेत्र में पोटाश का खनन शुरू होने की उम्मीद भी क्षेत्रवासियों को है।




