






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज की इवनिंग न्यूज एक्सप्रेस में पढ़ें तीन खास खबरें एक साथ, एक नजर में।
श्रीडूंगरगढ़ की बेटी को मिला स्कूटी एवं नकद पुरस्कार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के सिंधी कॉलोनी निवासी प्रियंका वाधवानी पुत्री तुलसीदास वाधवानी को काली बाई मेधावी बालिका योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा स्कूटी एवं 11 हजार रुपए नकद का पुरस्कार दिया गया है। प्रियंका ने कक्षा 12 में 94 प्रतिशत अंक लाकर यह सम्मान प्राप्त किया है एवं क्षेत्रवासी भी इस सम्मान से गर्वित है। प्रियंका को यह पुरस्कार बुधवार को बीकानेर के महारानी कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में दिया गया। प्रियंका वर्तमान में बीए द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत है एवं सिंधी पंचायत अध्यक्ष श्रवण कुमार गुरनाणी, मंत्री अशोक वासवानी, मिडिया प्रभारी रवि रिझवानी आदि ने प्रियंका का अभिनंदन किया है।

21 वर्षीय युवती करीब मध्यरात्रि घर से हुई गायब, परिजनों ने थाने पहुंच लगाई ढूंढने की गुहार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के गांव मोमासर से एक 21 वर्षीया युवति अपने घर से मध्यरात्रि गायब हो गई एवं परेशान परिजनों ने श्रीडूंगरगढ़ थाने पहुंच कर पुलिस से ढूंढने की गुहार लगाई है। परिवादी गुमशुदा युवती के चाचा ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात को सभी परिवारजन करीब 10 बजे सो गए थे। रात करीब 11 बजे पता चला कि उसकी 21 वर्षिया भतीजी अपने बिस्तर पर नहीं है एवं उसका फोन भी स्वीचआफॅ आ रहा है। ऐसे में उसे ढूंढ़ने का प्रयास भी किया गया लेकिन नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई है। पुलिस की और से हैडकांस्टेबल देवाराम को ढूंढने की जिम्मेदारी दी गई है।
आश्रम में सेवाग्राही बुजुर्ग का अंतिम संस्कार में पारख बने सहयोगी, सामाजिक कार्यकर्ताओं अदा की रस्में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के शिव कल्याण वद्ध एवं अनाथ आश्रम में सेवाग्राही मानसिक रूप से अज्ञात विमंदित बुजुर्ग के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार गुरूवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। विदित रहे कि बुजुर्ग का देहांत गत 12 जनवरी को हो गया था एवं 72 घंटे तक परिजनों की तलाश के बाद आज शाम को उसका अंतिम संस्कार सनातन मुक्ति धाम में हिंदू रिती रिवाजों के साथ किया गया। इस कार्य में कस्बे के समाजसेवी सुमति कुमार पारख के आर्थिक सहयोग रहा एवं सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश, अशोक झाबक, राजेन्द्र स्वामी, जावेद बहलिम, आमिर खोखर, नरपतसिंह, कन्हैयालाल, प्रवीण स्वामी आदि ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए विभिन्न रस्में निभाई।




