






राज्य मंत्री सुथार ने मनोज पारीक का किया सम्मान, गौवंश को समाधि देने का प्रावधान बताया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने गुरूवार को पंडित मनोज पारीक वैदिक, सीकर का सम्मान किया गया। राज्य मंत्री ने वैदिक को, शॉल, साफा, एवम्, दुपट्टा, पहना कर सम्मानित किया। वैदिक ने राज्य मंत्री से गौवंश के लिए आवाज उठाने की बात कही। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में मृत गौवंश को नमक डालकर समाधि देने का प्रावधान है। मृत गौवंश को खुले में छोड़ना पर्यावरण व धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है। इसलिए नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका व ग्राम पंचायत स्तर पर गाय के शव का अंतिम संस्कार करवाने की प्रक्रिया को अमल में लाया जाना चाहिए। रामगोपाल सुथार ने वैदिक के द्वारा भारतवर्ष के सात प्रांतों में 153, गौपुष्टि कर्म लंपी रोग मैं नि:शुल्क होम्योपैथिक दवाई वितरण करने, पशुपालन विभाग व वन विभाग के द्वारा बंदरों में फैल रही बीमारी का निदान करने के प्रयासों की सराहना की। सुथान ने उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान आसाराम सुथार, दुलाराम, छगनलाल, सांवरमल, सीताराम ,ओम प्रकाश, बंसीलाल, बनवारी लाल, महेश कुमार मौजूद रहें।

31 जुलाई तक खरीफ फसलों का बीमा करवा सकेंगे किसान, कुल बीमित राशि का 2% प्रीमियम किसानों को करवाना होगा जमा
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। राज्य सरकार ने खरीफ 2024 के लिए फसल बीमा की अधिसूचना जारी कर दी है। संयुक्त निदेशक (कृषि) विस्तार कैलाश चौधरी ने बताया कि जिले के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी अधिसूचित की गई है। किसान अपनी फसलों ग्वार, मोठ, मूंग, तिल, कपास, मूंगफली व बाजरा का बीमा बैंक या सीएससी के माध्यम से 31 जुलाई तक करवा सकते हैं। जो ऋणी कृषक पिछले वर्ष में बीमित फसलों में परिवर्तन करवाना चाहते हैं, वे बैंक में 29 जुलाई तक लिखित रूप में दे सकते हैं। फसल बीमा योजना का लाभ ऋणी, गैर ऋणी, बटाईदार किसान भी ले सकेंगे। जिन किसानों ने किसी भी वित्तीय संस्थाओं से अल्पकालीन फसली ऋण स्वीकृत करवाया है, उन किसानों का बीमा संबंधित बैंक या सहकारी समिति के माध्यम से किया जाएगा। जिन किसानों ने ऋण नहीं ले रखा है, वे किसान नजदीकी ई-मित्र केंद्र या किसी भी बैंक या समिति के माध्यम से फसलों का बीमा करवा सकते हैं।
फसल बीमा योजना के प्रभारी अधिकारी डॉ. मानाराम जाखड़ ने बताया कि खरीफ फसलों का बीमा करवाने के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 2% प्रीमियम राशि जमा करानी होगी। खरीफ फसलों के बीमा के लिए प्रति हैक्टेयर प्रीमियम की राशि ग्वार 357, मूंग 735, मोठ 376, मूंगफली 2897, कपास 1547, बाजरा 209, व तिल 360 रूपये रहेगी। कृषि अधिकारी मुकेश गहलोत ने बताया कि खरीफ 2020 से यह योजना ऋणी कृषकों के लिए स्वैच्छिक कर दी गई है एवं जो ऋणी कृषक अपनी फसलों का बैंक से बीमा नहीं करवाना चाहते, वह ऑप्ट आउट फॉर्म भरकर 24 जुलाई तक बैंक में जमा करवाएं। इससे बैंक द्वारा उनकी फसलों का बीमा नहीं किया जाए। जिले के सभी किसानों को सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षकों के माध्यम से फसल बीमा योजना की जानकारी दी जा रही है। किसानों को व्हाट्सएप ग्रुप, किसान प्रशिक्षण के माध्यम से योजना की जानकारी दी जा रही है। अधिक जानकारी के लिए एआईसी कंपनी के टोल फ्री नंबर 18004196116 या नजदीकी कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।




