






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अक्टूबर 2021। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए श्रीडूंगरगढ़ पसंदीदा स्थान बन गया है और यही प्रमाणित कर रहा है उनका यहां पर लगातार दौरा होना। वहीं दूसरी और शुक्रवार को गांव लखासर में सफल आयोजन करवा कर क्षेत्र के पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा ने अपनी संगठनात्मक मजबूती का अहसास करवा दिया है। क्षेत्र में यही चर्चा अब हर और है कि गोदारा और सीएम की टयूनिंग कुछ नया संदेश दे रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मुख्यमंत्री बनने के बाद श्रीडूंगरगढ़ का यह तीसरा दौरा रहा है। लोकसभा चुनावों के दौरान भी जिले भर में केवल श्रीडूंगरगढ़ में मुख्यमंत्री की सभा की गई और इसके बाद सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनावों में भी श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र को ही सभा के लिए चुना गया। अब जब पूरे राज्य में प्रशासन गांवों के संग अभियान के कैम्पों में मुख्यमंत्री का अवलोकन तय हुआ तो पूरे राज्य में सबसे पहली सभा श्रीडूंगरगढ़ में ही आयोजित हुई है। ऐसे में स्थानीय जनता द्वारा यह कयास लगाए जा रहे है कि मुख्यमंत्री बार बार श्रीडूंगरगढ़ आकर राजनैतिक रूप से कोई संदेश दे रहे है।




तैयारियों से लेकर समापन तक दिखा गोदारा का प्रभाव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शुक्रवार को प्रशासन गांवों के संग अभियान में भले ही वर्तमान विधायक के रूप में गिरधारीलाल महिया भी शामिल हुए लेकिन पूरे कार्यक्रम में तैयारियों से लेकर समापन तक की व्यवस्थाओं पर पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा का प्रभाव दिखाई दिया। सामान्यतया देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की कई दिनों की पूर्व तैयारियां आवश्यक होती है लेकिन फिर भी कमियां रह जाती है। लेकिन श्रीडूंगरगढ़ में उनका कार्यक्रम तय कुछ घंटों पहले ही हुआ था और फिर भी सफल आयोजन बन गया। यह मंगलाराम गोदारा एवं उनके सर्मथकों की संगठनात्मक मजबुती का ही प्रमाण रहा कि कुछ ही घंटों में जंगल में मंगल कर दिया गया। 29 अक्टूबर को गांव दुसारणा पंण्डरिकजी में कैम्प होना था लेकिन मुख्यमंत्री के कैम्प का अवलोकन करने के आदेशों के बाद गोदारा गुट के सरपंच की सरपंचाई वाले गांव लखासर में त्वरीत संशोधीत आदेश निकाले गए एवं लखासर में भी कैम्प का आयोजन किया गया। लखासर के राउमावि में हाईटेंशन तारों के गुजरने एवं खोखो प्रतियोगिता चलने के कारण आयोजन स्थल भी स्कूल का आरक्षित खेल मैदान रखा गया। इस खेल मैदान में धोरें, झाड, किकर आदि की मौजुदगी थी। लेकिन दौरा तय होने के साथ ही प्रधान प्रतिनिधि केशराराम गोदारा का मैनेजमेंट देखने को मिला एवं गोदारा सहित उनके सर्मथक रात 4 बजे तक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। तैयारियों से लेकर समापन तक गोदारा का प्रभाव देखा गया। मंच की व्यवस्थाओं में गोदारा गुट के विमल भाटी, विजयराज सेवग, राजेन्द्र बापेऊ आदि सक्रिय रहे तो व्यवस्थाओं में केशराराम गोदारा, मूलाराम थोरी, राजेश मंडा आदि सक्रिय दिखे। शहर आयोजन में गोदारा सर्मथक सरपंचों की भी उपस्थिती रही एवं शहर कांग्रेस से संजय करनाणी, रमेश प्रजापत, सत्यनारायण चौधरी आदि मौजुद रहे। शिविर में ग्रामीणों को लाभ दिलवाने के लिए भी कांग्रेस कार्यकर्ता सक्रिय दिखे।







