






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 सितबंर 2021। कहते है जल ही जीवन है परन्तु जब ये जल अतिवृष्टि बन बरसे तो बरबस निकल पड़ता है कि “लगातार बरस रहा आसमान है, गलियों में उतरा उफान है, बिगड़ रही है फसलें और अन्नदाता परेशान है। अब कृपा कर थम जाओ है मेघराज, सहमा सहमा सा है हर इंसान।” मंगलवार से पूरे जिले में बरसात अब कहर बरपाने लगी है और श्रीडूंगरगढ़ में आज फिर गांव रिडी, कोटासर, बरजांगसर, हेमासर, मोमासर, जैसलसर, सातलेरा, कुन्तासर में भारी बरसात हुई है। गांव मोमासर में बाजार के बीच में स्थित ओसवाल पंचायत भवन के पास हनुमान कुहार का पुराना मकान भर्रभरा कर गिरने को हुआ और पास के मकानों पर झुक गया। उपसरपंच जुगराज संचेती अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे व जेसीबी से उसे आगे की ओर झुका कर गिराया गया। कुहार की माली हालात अत्यन्त दयनीय है तथा मलबा उठवाने के लिए भी राशि उनके पास नहीं है। गांव में भंवरलाल सिंवर, रामचंद्र बावरी, तोलराम मेघवाल के मकान भी गिर गए है। इनके अतिरिक्त भी अनेक मकानों को खासा नुकसान पहुंचा है। सरपंच प्रतिनिधि संचेती यहां ग्रामीणों के साथ लगातार व्यवस्था सुधार में जुटें हुए है। संचेती की टीम ने गांव में मोमासर-आड़सर, मोमासर-लाछड़सर, गांव के कई वार्डों में सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई व गढ्ढें बन गए जिन्हें तुरंत भरने के प्रयास किए ज गांव में कई घरों में पानी भर गया है जिन्हें पांच मोटरपंप की मदद से निकाला जा रहा है। संचेती ने टाइम्स को बताया कि भारी बरसात ने गांव के हालात विकट कर दिए है और प्रशासन से गरीब परिवारों की सहायता की अपील भी करेंगे। गांव रिड़ी में बस स्टैडं नम्बर दो बुरी तरह से पानी में डूब गया है और यहां से आवागमन भी बंद हो गया है। गांव के निचले इलाकों में पानी भर गया है। बीदासर से आने वाली बसे गांव के भीतर से गलियों ने आना जाना कर रही है। गांव सातलेरा में कई घर पानी से लबालब हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा लग रहा है आज कोई बादल गांव पर फट गया है और 30 वर्षों में ऐसी बरसात नहीं देखी है। गांव सातलेरा में सत्यनारायण सारस्वत, कुभांराम सारस्वत, शिवनारायण सारस्वत, किशनलाल सारस्वत, हेमाराम जाखड़, मालाराम पुजारी, खिंवराज जाट के घर तथा श्रीबिग्गाजी शिक्षण संस्थान स्कूल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। यहां ग्रामीण पानी निकालने में जुटें है। श्रीडूंगरगढ़ बाजार में भी पानी भरा जिससे राहगीर परेशान हुए। गांव कोटासर में भी आज भारी हुई व गांव की रोही में सहीराम गोपाराम विश्नोई की ढाणी में पशुओं के लिए बनाया छपरें की पटि्टयों उखड़ गई व छपरा गिर गया। इससे किसान का सांड घायल हो गया और किसान ने डॉक्टर को बुलाकर तुरंत जांच करवाई व प्राथमिक उपचार करवाया। गनीमत रही की अन्य पशु छपरे से बाहर बंधे थे।














