May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 मई 2021। क्षेत्र के गांव जाखासर भोमसिन्हावतान में आज सर्व समाज के बुजुर्गों ने एक बैठक कर गांव में सैंकड़ो वर्षों पुरानी रूढ़ियाँ तोड़ दी है और पूरे गांव इन रूढ़ियों पर खर्च होने वाली राशि से बच्चों की उच्च शिक्षा की व्यवस्था की बात कही है। गांव में आज से ही मृत्यु भोज/जिवंती जिगड़ी/ नुता/ ओढ़ावणी की प्रथा पर रोक लगा दी गई है। गांव के युवाओं ने बुजुर्गों के इस फैसले का सम्मान करते हुए मायरे में एक ओढ़णा व टीकावणी में 101 रूपए भी तय कर दिए व सभी से पालना करवाने की जिम्मेदारी भी ली है। गांव के वरिष्ठ ग्रामीण सुगनसिंह, चौथाराम नाई, करणीसिंह, भागुसिंह, आशुसिंह सहित सभी ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए है। ग्रामीण सुगनसिंह ने बताया कि कई ग्रामीण अपनी जमीन तक बेच कर भी इन कुप्रथाओं के नाम पर अनावश्यक खर्च कर आर्थिक दबाव में आ जाते है। किसान परिवारों की जमीनें सुरक्षित होने के साथ ही अब इन रुपयों से आने वाली पीढ़ी के भविष्य निर्माण के लिए पढ़ाई पर खर्च की जाए तो गांव सहित समाज का विकास हो सकेगा। हितेश सैन ने बताया कि गांव के सभी युवाओं ने भी एक स्वर में उनका समर्थन किया व ग्रामीणों ने बताया कि अगर कोई इसका उल्लघंन करता पाया गया तो उस पर कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी।