






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 जुलाई 2022। लंपी चर्म रोग की चपेट में क्षेत्र के बेसहारा पशु भी आने लगे है और इससे चिंता भी बढ़ गई है। बेसहारा पशु का कोई ठिकाना नहीं होने के कारण ये संक्रमण के वाहक भी हो सकते है ऐसी आशंकाए जताई जा रही है। ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. उत्तम सिंह ने बताया कि विभाग को ऐसे पशुओं की जानकारी मिलने पर उनका भी ईलाज किया जा रहा है। बिग्गा बास रामसरा, मोमासर बास में ऐसे पशु सामने आए है।
सामाजिक संगठनों से सहायता की वार्ता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लंपी रोग से बेसहारा पशुओं की जान बचाने के लिए व संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विभाग ने सामाजिक सेवा संगठनों से भी वार्ता की है। डॉ. उत्तम सिंह ने बताया कि आपणो गांव सेवा समिति तथा गांवो में अन्य संगठनों के युवाओं से सहयोग के लिए कहा गया है जिससे ऐसे पशुओं को चिन्हित कर ईलाज किया जा सकें।
अफवाहों से बचकर सावधानी बरतें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विभाग द्वारा किसानों व पशुपालकों से अफवाहों से बचने की बात कही है। डॉ. भाटी ने बताया कि लंपी रोग से पीड़ित गाय का रोग गाय से इंसान में नहीं आता है तथा इसके दूध के उपयोग में भी किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहों से बचकर पशुपालक सावधान रह कर उनका ईलाज करें जिससे पशु स्वस्थ हो सकें।
गौशालाओं में छिड़काव प्रारंभ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लंपी चर्म रोग से पीड़ित पशु सामने आने के बाद अनेक गौशालाओं में कीटनाशकों का छिड़काव प्रारंभ किया गया है। गोपाल गौशाला में गायों की तव्चा पर फिटकरी का पानी छिड़काव करने के साथ ही फिनाइल व अन्य कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है।






