






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अगस्त 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में बारिश के बाद बढ़े तापमान के साथ साथ क्षेत्र में आंदोलनों की आंच भी राजनैतिक गर्मी पैदा कर रही है। यहां सोमवार को गांव राजेडू में पूरी बिजली, पूरे वोल्टेज की बिजली के लिए दिन भर हंगामा चला। राजेडू एवं आस पास के क्षेत्र में बिजली सप्लाई के लिए बने दोनों 33केवी जीएसएस को ग्रामीणों ने घेर लिया था एवं कार्मिकों को बाहर निकाल कर ताला लगा दिया था। ग्रामीणों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया व धरने पर प्रधान प्रतिनिधि केशराराम गोदारा, आरएलपी नेता विवेक माचरा, सरपंच प्रतिनिधि श्रीराम गरूआ सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचें। कांग्रेसी नेता केशराराम गोदारा ने सरकार द्वारा लगातार किसान हितों की सुरक्षा करने के संबध में गंभीरता की बात कही लेकिन निगम कार्मिकों की उदासीनता एवं अव्यवस्था के कारण किसानों को हो रही दिक्कतों पर रोष जताया। वहीं विवेक माचरा ने किसानों की दिक्कतों को हल्के में लेने पर बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने की चेतावनी प्रशासन को दी। किसानों के बढ़ते रोष को देखते हुए सहायक अभियंता नरेन्द्र सोनगरा एवं कनिष्ठ अभियंता राजेश रोशन मौके पर पहुंचें एवं किसानों से वार्ता की। दोनो अधिकारियों ने वार्ता में छह घंटे पूरे वोल्टेज के साथ सप्लाई देने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब 5 बजे ग्रामीणों व बिजली विभाग के अधिकारियों में सहमति बनी एवं किसानों ने अपना धरना हटाया व जीएसएस के ताले खोले। इसके बाद ही कार्मिक अंदर गए एवं सप्लाई शुरू की गई।


बिजली की मांग पर जैसलसर के ग्रामीणों ने भी जताया रोष।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र में बिजली किसानों की बैरन बन गई है और क्षेत्र में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है। गांव राजेडू में जीएसएस पर तालाबंदी के अलावा श्रीडूंगरगढ़ मुख्यालय पर स्थित निगम कार्यालय पर जैसलसर के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जैसलसर गांव के जीएसएस में एक ही ट्रांसफार्मर लगे होने के कारण किसानों को 3 घंटे ही बिजली मिल पाती है और कम आपूर्ति के कारण पकाव पर आई मूंगफली जलने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर की आपूर्ति नहीं करवाई गई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान चांदराम चाहर, नरपत सिंह, तिलोकाराम, भंवरलाल जाखड़, धनाराम गुर्जर, भैराराम चाहर, सहीराम गोदारा, भगवानाराम, श्रवणराम, चुन्नीलाल चाहर, सोहनराम, लिछुराम, भींयाराम, ईश्वरराम, मुकनाराम, भूराराम, दौलतराम, सांवताराम, कानाराम, बीरबलराम, गोपालराम, दुर्गाराम, लेखराम, रामप्रताप चाहर और मनीष गिरी सहित बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने रोष जताया।




