






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 नवंबर 2025। आज जब विकृतियों का समय है, तब बच्चे माता पिता की प्रसन्नता का ध्यान नहीं रख सकते, जिन बच्चों को माता पिता सींचते है, वही उन्हें अनदेखा कर विवाह कर आ जाते है और माता पिता को घोर कष्ट देते है। ऐसे समय में सतोगुणी दूध पीने से सतोगुणी बुद्धि होगी। गाय का पालन करें और बच्चों को प्रेम व सेवा का संस्कार देवें। तो संभव है परिवारों व समाज का गौकृपा से भला हो जावे। ये प्रेरणा साध्वी श्रद्धा गोपाल दीदी ने गांव कल्याणसर नया में श्रीजसनाथजी पीड़ा ग्रस्त गौशाला में आयोजित गौकृपा कथा में दी। साध्वी ने दूध की शुद्धता पर ध्यान देने के बारे में विस्तृत चर्चा की, उन्होंने युवा वर्ग को अपने कुल की मान मर्यादा का अपना गौरव समझने की बात कही। उन्होंने श्रद्धालुओं को गौकृपा के अनेक प्रसंग सुनाते हुए गौसेवा को भाव पूर्वक मन में धारण करने की बात कही। कथा में विभिन्न स्थानों से पहुंचे गौसेवकों का समिति सदस्यों द्वारा स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। कथा के तीसरे दिन रविवार को बड़ी संख्या में आस पास के गांवो सहित अंचल के विभिन्न गांवो से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। आयोजन समिति के सदस्य कथा की विभिन्न व्यवस्थाओं को संपन्न करने कर रहें है।







