May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 अक्टूबर 2025। मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं… के मधुर संकीर्तन के साथ कालू बास के नेहरू पार्क में भक्तिमय भागवत कथा शुक्रवार को प्रारंभ हुई। कथावाचक महामण्डलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंदजी महाराज ने राजस्थान की धरा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि शास्त्र कहते है ये धरा पवित्र व पुण्यशाली है। उन्होंने कहा कि तीन प्रकार के लोग है, जो सनातन का आधार है, जिन पर धर्म टिका है। पहले परामात्मा का भक्त, दूसरे दानशील और तीसरे शुरवीर जो धर्म रक्षार्थ प्रार्णोत्सर्ग करते है। ये तीनों राजस्थान की धरती पर जन्मे है। स्वामीजी ने क्षेत्र के जनमानस के मनों में बसे पुज्य संत स्वामी रामसुखदासजी महाराज को भी याद किया। उन्होंने कहा कि विश्व वंदनीय संत रामसुखदास जी महाराज, सनातन धर्म जिनका ऋणि है गीताप्रेस के संस्थान हनुमानप्रसाद जी पोद्दार, जयदयाल जी गोयनका, भक्तिमयी मीरा की धरती पर उनका भगवत कृपा से ही आगमन हुआ है। महाराज ने कथा का महत्व बताते हुए कहा कि श्रद्धा व विश्वास से ही सत्संग मिलता है और सत्संग से ही भगवत प्राप्ति संभव है। उन्होंने असुर व सुर की पहचान बताते हुए कहा कि जो केवल स्वयं के सुख का विचार करें वह असुर है और वेद कहते है जो सभी के सुख, निरोग व कल्याण की कामना करने वाला ही उत्तम मनुष्य है। स्वामीजी ने सुखी व दुखी होने में घटना को कारण नहीं मानते हुए उससे जुड़ाव को कारण बताया। महाराज ने सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के कुंभ में सीताराम मोहता परिवार द्वारा किया गया संकल्प सप्तदिवसीय कथा के रूप में श्रीडूंगरगढ़ की धरा पर साकार हो रहा है। कथा के दौरान नाम संकीर्तन व सुदंर भजनों का गायन भी किया गया। इससे पहले मोहता परिवार के मुख्य यजमान ने कथा व व्यासपीठ का पूजन संपन्न किया। परिवार के सदस्य कथा की विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहें है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंदजी महाराज द्वारा शुक्रवार को नेहरू पार्क में भागवत कथा का वाचन प्रारंभ हुआ, मोहता परिवार ने प्रयागराज के कुंभ में किया संकल्प, अब हुआ साकार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। परिवार के सभी छोटे बड़े सभी सदस्यों ने सुनी कथा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोहता परिवार सहित अनेक श्रद्धालु महिलाएं भी पहुंची कथा सुनने।