May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 दिसंबर 2021। जो किसान के साथ नहीं है किसान उसके साथ खड़ा नहीं होगा और किसान आंदोलन के दौरान देश के किसान को समझ आ गया है कि दोस्त कौन है और दुश्मन कौन है.? कुछ व्यापारियों का भला करने वाले या राज्य में भ्रष्ट तंत्र को चलाने वाले किसान के हितैषी नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता पूर्व विधायक कॉ. अमराराम ने भाजपा व कांग्रेस दोनों सरकारों को आड़े हाथ लिया। आज श्रीडूंगरगढ़ विधायक लोक सेवा केन्द्र में आयोजित प्रेस वार्ता में कॉ. अमराराम ने केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की नाकामियों को गिनवाते हुए ऐलान किया कि किसान का विश्वास जीतने वाले ही नेता बनेंगे। अमराराम ने कहा कि राज्य में या केंद्र में किसान और आम जनता के पक्ष में नीतियां नहीं बनेगी तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान का संघर्ष अभी बाकी है और हर हाल में एमएसपी लागू करवाने तक किसान नेता संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र ने मंहगाई चरम पर ला दी है और बेरोजगारी ने युवाओं की उम्मीदें तोड़ दी है। अमराराम ने कहा कि भाजपा देश को बांटने का काम कर रही है। देश में अब किसान मजदूर के हित की बात करने वाले ही विधानसभा व लोकसभा में जाएंगे। वर्तमान में किसान, युवा, बेरोजगार, व्यापारी परेशान है और निजीकरण को बढ़ावा देने वाली केंद्र की तानाशाह सरकार को कृषि कानूनों के मुद्देलर किसानों ने आईना दिखाते हुए झुकाया है। सत्ता में बैठे लोगों को वोट की मार ही समझ आती है और उपचुनाव व राज्यों के चुनावों ने केंद्र को कानून वापस लेने को मजबूर किया है। उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार पर बरसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री केवल विधायकों को खुश करने का काम कर रहें है और आम जनता को लूट कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहें है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं, दलितों के प्रति अपराध बढ़ रहा है और बिजली विभाग में आज तक का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार चल रहा है। स्मार्ट मीटर लाकर सरकार जिला हेडक्वार्टर से कनेक्शन काटने की तैयारी में है। बता देवें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद किसान नेता उत्सव मना रहें है और किसान आंदोलन की सफलता पर विजय जुलूस निकाल रहें। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान नेता गांव गांव पहुंच कर केन्द्र व राज्य सरकार की नाकामियों के खिलाफ किसानों को जागृत करने का बिगुल बजा रहें है। हालांकि एक सवाल के जवाब में संयुक्त मोर्चा द्वारा चुनाव नहीं लड़ने की बात भी अमराराम ने कही परंतु संभावनाओं से इंकार नहीं किया उन्होंने ये भी कहा कि इतिहास में हुए आंदोलनों की गोद से बड़े राजनीतिक व सामाजिक आर्थिक बदलाव हुए व इस आंदोलन से भी किसानों को बहुत उम्मीदें बंधी है। प्रेस वार्ता में श्रीडूंगरगढ़ विधायक गिरधारीलाल महिया, पूर्व विधायक व किसान सभा के राज्य अध्यक्ष पेमाराम धोद, सभा के महामंत्री छगनलाल चौधरी, उपप्रधान प्रतिनिधि मालचंद नैण सहित कई जनप्रतिनिधियों के साथ कई गांवो से जागरूक किसान युवा भी मौजूद रहें। प्रेस वार्ता के बाद किसान नेता कस्बे के मुख्य मार्ग से डी.जे. के साथ गाड़ियों में रवाना हुए। इससे पूर्व किसान नेताओं का गांव लिखमादेसर, कितासर में भी स्वागत सम्मान किया गया।

श्रीडूंगरगढ़ के किसानों का आभार प्रकट किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कॉ. अमराराम ने किसान आंदोलन के दौरान श्रीडूंगरगढ़ के सहयोग को याद किया और कहा कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के किसानों आंदोलन में सक्रिय योगदान दिया। समय समय पर यहां से किसानों के दल आंदोलन में भाग लेने भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि यहां से एक ट्रक मूंगफली भी आंदोलन स्थल पर पहुंची जिसे शाहजंहापुर बॉर्डर पर बैठे किसानों ने खूब खाई। अमराराम सहित पूर्व विधायक पेमाराम ने क्षेत्र के किसानों का आभार प्रकट किया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विधायक लोक सेवा केंद्र में सयुंक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में कॉ. अमराराम ने केंद्र व राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। डी.जे. के साथ गांवो के लिए गाड़ियों में मुख्य मार्गों से रवाना हुआ किसान जुलूस।