May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 दिसम्बर 2021। प्राय सभी गांवो में दबंगो ने कई बीघा सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया है परंतु किसी जरूरतमंद गरीब की कोई मदद कर उसे बसा देवें ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलेंगे। शिविरों में पट्टे बनाने में बीकानेर जिले में श्रीडूंगरगढ़ प्रथम रहा है परन्तु एक गरीब नाउम्मीद महिला के जीवन में पट्टे की साध को पूरा करने का कार्य शेरूणा गांव में शुक्रवार को हुआ। यहां स्वर्गीय हरिराम लुहार की पत्नी विमला ग्राम पंचायत की सांड शाला में 15 वर्षों से जीवनयापन कर रही थी। विमला की तीन संताने पूनम, प्रेमचंद, देवकरण मजदूरी कर अपना गुजारा करते है। विमला 500 रूपए की विधवा पेंशन के सहारे जीवन गुजार रही थी। ऐसे में महिला सरपंच मंजू कंवर ने हरहाल में विमला को निःशुल्क पट्टा बना कर देने के निर्देश दिए और ग्राम पंचायत की आबादी भूमि के मध्य भूखण्ड का निःशुल्क पट्टा बना कर शुक्रवार को विमला के सुपुर्द कर दिया गया। विधायक गिरधारीलाल महिया, उपंखड अधिकारी दिव्या चौधरी, सरपंच मंजूकंवर, तहसीलदार तेजपाल गोठवाल ने विमला देवी को पट्टा सौंपा तो ग्रामीणों ने सरंपच, विधायक व प्रशासन का आभार प्रकट किया। लोगों ने कहा कि ऐसे किसी जरूरतमंद के काम हो तो लोकतंत्र पर भरोसा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि शिविरों के आयोजन की सार्थकता शेरुणा में इस मानवीयता के साथ नजर आई। विमला देवी व उनके बच्चों ने गद्गद भाव से सभी का आभार प्रकट किया। आंखों में नमी लिए विमला देवी ने कहा कि अब वे अपने मकान में संतोष के साथ रह सकेगी व बच्चे भी सुकून से रह सकेंगे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ के शेरुणा गांव में 15 वर्ष सांड शाला में रहने के बाद विधवा महिला को मिला निःशुल्क पट्टा।