






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 सितबंर 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव मोमासर सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। यहां सड़क नहीं केवल गड्ढे बचे है, बरसात में दूसरे गांवो से गांव का संपर्क ही टूट जाता है। आड़सर, मोमासर, लाछड़सर के ग्रामीण ही नहीं कई गांवो के ग्रामीण, महिलाएं व मरीज बुरी तरह से परेशान है। इस सड़क पर गर्भवती महिलाओं जैसे सजा भुगत लेती है और एंबुलेंस चालकों की परेशानी का अंत नहीं। विद्यार्थियों के लिए आवागमन दूभर हो जाता है। ये व्यथा गुरूवार को मोमासर के ग्रामीणों ने जिलाकलेक्टर नम्रता वृष्णि को सुनाई। ग्रामीणों ने हाइवे पर जोरावरपुरा फांटा से आड़सर मोमासर होते हुए लूणकरणसर के नकोदेसर तक बजट में स्वीकृत सड़क बनवाने की मांग रखी। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा व जिला कलेक्टर ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सड़क निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने इससे पहले कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। गांव के सक्रिय युवा बीरबल पूनियां ने बताया कि समिति सदस्यों द्वारा आगामी 30 दिनों में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर स्टेट हाइवे व नेशनल हाइवे पर धरना देने का निर्णय लिया है। धरने को सीपीआईएम के जिला सचिव सुंदर बेनीवाल, आरएलपी नेता विवेक मचरा, कांग्रेस के प्रदेश सचिव रामनिवास कुकना, महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव नीरू चौधरी, एसएफआई नेता गौरव टाडा ने अपने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन को घेरते हुए लापरवाह बताते हुए संघर्ष का संकल्प दोहराया। इस दौरान गोपाल गोदारा, केशराराम गोदारा, हुलास मेघवाल, धन्नाराम गोदारा, सांवरमल बरोड़, विजयपाल भम्मू, परहलाद भाम्मु, ओमप्रकाश भाम्मू, राकेश भाम्मू, लक्ष्मण पूनियां, गोपी गोदारा, गोपाल सारण, टोडाराम भामू, भैराराम धेतरवाल, नारायण सिंह, शंकर गोदारा, परभूराम गोदारा, दुलाराम पूनियां, रामप्रताप गोदारा सहित अनेक ग्रामीण शामिल रहे।






