






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 मई 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या की सबसे बड़ी खबर जयपुर से सामने आ रही है। यहां नेशनल हाइवे पर स्थित 7 बीघा विवादित भूमि पर ट्रॉमा सेंटर बनने की समस्त अड़चने दूर हो गई है और राज्य सरकार द्वारा भूमि का आवंटन ट्रॉमा सेंटर के लिए कर दिया गया है। साथ ही विधायक गिरधारी लाल महिया के प्रयासों से कस्बे में बृजलाल सोनादेवी बाहेती परिवार को यह ट्रॉमा सेंटर बनाने का सौभाग्य मिला है। विदित रहे कि यह भूमि लंबे समय से दो धर्मों के बीच विवाद का कारण थी और इसी भूमि से उठे विवाद के चलते वर्ष 2015 में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र दंगों की आग में भी झुलसा था। इस भूमि पर ट्रॉमा सेंटर बनने की राह भी विधायक गिरधारीलाल महिया और कस्बे के सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों से खुली। दंगो के बाद भूमि कुर्क करने के दौरान प्रशासन द्वारा पक्षकार बनाये गए दोनो पक्षों के प्रबुद्धजनों ने शपथ पत्र देकर इस भूमि पर ट्रॉमा सेंटर बनने की अनापत्ति दी थी। इसके बाद ही यहां ट्रॉमा बनने की राह प्रशस्त हुई। हालांकि इस बीच कुछ लोगो में श्रेय लेने के चक्कर में आधी अधूरी और अपुष्ट चर्चांए फैला कर इस कार्य में दुष्प्रभाव भी डाले और अधुरे प्रयासों को प्रसारित कर मामले को बिगाड़ने का प्रयास भी किया गया था। लेकिन क्षेत्र के सामाजिक चिंतकों के प्रयास ही आखिर सफल हुए है और राज्य सरकार द्वारा इस भूमि के आंवटन के बाद नगरपालिका द्वारा पट्टा जारी किया जाना है।
विधायक की मौजूदगी में हुवा एमओयू, दानदाता परिवार का जताया आभार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ट्रोमा सेंटर एवं उपजिला चिकित्सालय निर्माण का एमओयू भी विधायक गिरधारीलाल महिया की मौजूदगी में चिकित्सा विभाग व दानदाता परिवार के मध्य हो चुका है। चिकित्सा विभाग द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी जसंवत बेनीवाल और दानदाता परिवार की और से हरिकिशन बाहेती द्वारा यह एमओयू हस्ताक्षर किया गया है। इस एमओयू के अनुसार ट्रोमा सेंटर का नाम स्व. बृजलाल सोनादेवी बाहेती ट्रोमा सेंटर एवं उपजिला चिकित्सालय रहेगा एवं इसके लिए दानदाता परिवार द्वारा भवन निर्माण की सम्पूर्ण लागत वहन की जाएगी व निर्माण उच्च गुणवत्ता की सामग्री द्वारा चिकित्सा विभाग के निर्देशन में करवाया जाएगा। इस एमओयू के बाद बाहेती परिवार के प्रतिनिधि हरिकिशन बाहेती का माल्यापर्ण कर विधायक महिया ने एवं चिकित्सा विभाग के डाक्टर जसंवत बेनीवाल ने आभार जताया। इस मौके पर महिया ने बाहेती परिवार के इस प्रयास को क्षेत्र की जनता के लिए अनेकों सालों तक जीवनदायी बताया है।
ट्रॉमा हो और विवादित भूमि पर ही हो, यही थी पूरे क्षेत्र की आवाज।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में जयपुर-बीकानेर नेशनल हाईवे, दिल्ली-बीकानेर स्टेट हाईवे, सुजानगढ़-लूणकरणसर थर्ड डिफेंस रोड़ ये तीन मुख्य सड़कें निकल रही है एवं श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर के मध्य तो तीनों सड़कों का वाहन यातायात एक ही सड़क पर आ जाता है। ऐसे में यहां हर रोज हो रहे हादसों में हर रोज अनेकों जानें जा रही थी। इसी को देखते हुए क्षेत्र की सबसे बड़ी मांग ट्रोमा सेंटर ही था। जिसे विधायक महिया के प्रयासों से राज्य बजट में इस वर्ष पारीत कर दिया गया। इसके बाद क्षेत्र की दुसरी सबसे बड़ी मांग ट्रोमा सेंटर हाईवे पर विवादित भूमि पर ही बने यह मांग भी क्षेत्रवासियों ने उठाई थी। क्योंकि कस्बे से सट कर हाईवे पर इसके अलावा अन्य कोई भी भूमि इतनी अधिक व्यवहारिक क्षेत्रवासियों के लिए नहीं हो सकती थी। साथ ही कई दशकों का साम्प्रदायिक विवाद भी सार्वजनिक सामूहिक हित में निर्माण होने से समाप्त हो रहा था। पूरे क्षेत्र की इस आवाज को स्थानीय नेताओं, दोनो पक्षों के प्रतिनिधियों, प्रशासन ने समझा एवं निर्णय लिया इसके लिए क्षेत्रवासी आभारी है।
100 बैड़ के उपजिला अस्पताल के साथ ट्रोमा सेंटर की स्वीकृतियां भी जारी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बजट घोषणा के बाद क्षेत्रीय विधायक द्वारा राज्य सरकार स्तर पर लगातार प्रयास करके उप जिला अस्पताल व ट्रोमा सेंटर के लिए स्वीकृतियां जारी करवाकर चिकित्सकीय स्टाफ के पदों का वर्गीकरण करवा दिया गया है। अब स्टाफ बढ़ने से मरीजों को जिला स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं अब श्रीडूंगरगढ़ में मिलेंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उप जिला अस्पताल के लिए नए पदों की प्रशासनिक व वित्तिय स्वीकृति जारी कर दी है। अब श्रीडूंगरगढ़ के अस्पताल में बेडों की क्षमता में इजाफा कर 100 शैय्याओं के अस्तपाल की स्वीकृति दी गई है। जहां पहले सीएचसी में 41 का स्टाफ था। अब उप जिला अस्पताल बनने पर पदों की संख्या बढ़कर 77 से अधिक हो गई है। अस्पताल में वरिष्ठ विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत हुए है। जबकि पहले यहां एक भी पद नहीं था। इसके अलावा कनिष्ठ विशेषज्ञ के पहले 5 पद थे, जिनको बढ़ाकर अब 10 किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के दो पद भी शामिल है। साथ ही उप जिला अस्पताल के लिए चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी डेंटल, नर्स श्रेणी द्वितीय, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, नेत्र सहायक, फिजियोथेरिपिस्ट, कनिष्ठ लेखाकार, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद शामिल है। इसके अलावा ट्रोमा सेंटर के लिए स्वीकृतियां जारी करके कनिष्ठ विशेषज्ञ(सर्जरी) का एक पद, चिकित्सा अधिकारी के 5, नर्स श्रेणी द्वितीय के 10 पदों सहित कुल 16 पद सृजित कर दिये गये है।
भवनों के लिए नेशनल हाईवे पर 1.61 हैक्टेयर भूमि का नि:शुल्क आवंटन
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्रीय विधायक गिरधारीलाल महिया ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय के सामने विवादित भूमि के विवाद का पटाक्षेप करवाने के बाद 1.61 हैक्टेयर भूमि का आवंटन उप जिला अस्पताल व ट्रोमा सेंटर के भवन निर्माण के लिए करवाया गया है। उन्होंने कहा कि 1.61 हेक्टेयर भूमि के निशुल्क आवंटन के लिए डीएलबी से स्वीकृति भी दिलवा दी गई है और अब नेशनल हाईवे 11 पर ट्रोमा एवं उपजिला चिकित्सालय दोनों भवनों का निर्माण हो सकेगा। स्थानीय प्रशासन द्वारा रिपोर्ट व सहमति पत्र राज्य सरकार को भेजा गया। जिस पर डीएलबी से 1.61 हेक्टेयर भूमि के नि:शुल्क आवंटन की स्वीकृति दे दी गई है।
ये बोले महिया……
दुर्घटनाओं में जान बचाने के लिए ट्रोमा सेंटर की घोषणा तो कर दी गई थी लेकिन सामान्य बीमारियों के लिए क्षेत्रवासियों को जिला मुख्यालय की और भागना पड़ता था। ऐसे में मुख्यमंत्री महोदय से उप जिला अस्पताल की घोषणा भी बजट घोषणा के रूप में करवाई गई। इसके बाद धार्मिक संगठनों से विवादित भूमि के लिए सहमति पत्र जारी करवाकर सरकार को भूमि आवंटन का प्रस्ताव भिजवाया गया और डीएलबी से नि:शुल्क भूमि आवंटन की स्वीकृति दिलवाई गई। अब श्रीडूंगरगढ़ के बाहेती परिवार व स्वास्थ्य विभाग के मध्य दोनों के भवन निर्माण हेतु अनुबंध भी करवाया गया है। इन दोनों चिकित्सालयों के बनने की राह प्रशस्त होने के बाद घोषणा के बाद मुझे विचार आया कि दोनों भवनों का नेशनल हाईवे पर निर्माण होने से श्रीडूंगरगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। अब दोनों के भवनों का एक ही परिसर में निर्माण होने से मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी और भविष्य में जिला अस्पताल बनने पर भी कोई समस्याएं नहीं आयेगी।
श्रीडूंगरगढ़ विधायक गिरधारीलाल महिया






