May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 फरवरी 2025। गत दिनों सरकार द्वारा सभी नकारा ट्यूबवेलों को बंद करवाने के आदेशों के बाद श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन ने एक समिति का गठन किया। समिति को सभी गांवो में खुले पड़े ट्यूबवेलों को बंद करवाने के आदेश भी दिए। ऐसे में क्षेत्र के अनेक गांवो में संवेदनशीलता बरतते हुए सरपंचों ने इन्हें लोहे के पतरों से बंद कर बेल्डिंग से पैक करने का कार्य भी करवाया। परंतु क्षेत्र के गांव लखासर में स्थित एक सोमाना ताल में तीन बोरवैल खुले पड़े होने व ताल में बच्चों के खेलने की स्थित बताते हुए गांव के युवाओं ने चिंता जताई है। युवाओं ने बताया कि यहां एक बोरवैल तो जमीन के बराबर है। जिसमें कुछ जागरूक युवाओं ने ही पत्थर फंसा कर ढकने का प्रयास किया है। परंतु इसमें भी गाय या किसी अन्य जानवर का पैर फंस जाए तो वे दुर्घटनाग्रस्त हो सकते है। वहीं अन्य दो ट्यूबवेल तो खुले ही पड़े है जो हादसों को निमंत्रण दे रहें है। वहीं युवाओं ने पूर्व में हुई घटनाओं सहित सोमवार को ही राजस्थान पत्रिका में छपी भोजपुरा गांव में बिना मुंडेर के सुखे कुएं में गिरने से घायल हुए 25 वर्षीय सुरेश गुर्जर की घटना से संज्ञान लेकर इन्हें शीघ्र बंद करवाने की बात कही। युवाओं ने पत्थरों से बोरवैल को अस्थाई बंद किए जाने को लीपापोती बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी शैतान बच्चें द्वारा खेल खेल में इन पत्थरों को हटा दिया गया तो फिर संकट मंडराते रह जाएगा। युवाओं ने स्थाई रूप से इन्हें बंद करवाने की मांग की। वहीं ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी रघुवीरसिंह ने बताया कि इन सभी बोरवैलों के अंदर पत्थर डालकर बंद किए गए है और इसमें गिरने वाली स्थिति एक में भी नहीं है। परंतु फिर भी मौके पर जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए इन्हें बंद करवाने की कार्रवाई शीघ्र ही पूरी की जाएगी। वहीं सरपंच प्रतिनिधि गोरधन खिलेरी ने बताया कि पंचायत प्रशासन द्वारा इन ट्यूबवैलों को नीचे से ऊपर तक पूरा पत्थरों से भरवाया गया है। ये नकारा ट्यूबवैल किसी प्रकार से संभावित खतरे का कारण नहीं बन सकते है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव लखासर के सलाना ताल में खुला पड़ा हे बोरवैल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। युवाओं ने बताया पत्थरों से बंद करना पर्याप्त नहीं, इन्हें पूरी तरह से बंद करवाया जाए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भूमि के बराबर है ये बोरवैल, जिसे एक पत्थर से ढकने का किया है प्रयास।