






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 अप्रैल 2024। क्षेत्र के गांव राजेडू में युवा किसान उदाराम जाट कम होते जलस्तर को देखते हुए बागवानी की तरफ बढ़ रहें है। उदाराम ने अनार का बगीचा लगाया हो जो अन्य किसानों के लिए नवाचार करने की प्रेरणा दे रहें है। उदाराम ने टाइम्स को बताया कि 2008 में जब उन्होंने कृषि कुआं करवाया तो राजेडू क्षेत्र में 400 फिट पर पानी था और 40 से 45 फव्वारे चलते थे। अब उनके खेत में पानी 1000 फिट की गहराई पर चला गया है और ऐसे में कम पानी में होने वाली उपज के लिए हम प्रयासरत है। उदाराम ने बताया कि उसने 2016 में 8 बीघा में अनार के पौधे लगाए व सफल उत्पादन से प्रोत्साहित होकर इसे बढ़ाते हुए 2023 में 8 ओर बीघा में अनार के पौधे लगाए है। अब उन्होंने कुल 16 बीघा में अनार का बगीचा लगा लिया है। उदाराम ने इस बार बूंद बूंद सिंचाई को अपना लिया है जिससे पानी सीधा पौधे की जड़ को मिल रहा है। वहीं उदाराम ने जैविक जीवामृत व बीजामृत के लिए भी टैंक बनाया है जिससे पौधों को अच्छी बढ़वार मिले और फलों को गुणवत्ता मिल सकें। उदाराम ने टाइम्स को बताया कि अनार बेचने के लिए उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ती और जयपुर, चैन्नई, कलकत्ता तक के व्यापारी खुद ही खेत से ही माल उठा लेते है। केवल तोड़ कर देने की जरूरत है वे पैकिंग और स्वयं की करके ट्रक भरवा लेते है। कम माल होने पर बीकानेर मंडी में भी माल उठ जाता है। उदाराम का पूरा परिवार बगीचे की देखरेख में जुटा रहता है और पूरी मेहनत व लग्न से बागवानी में जुटे है।
फल फटने का ध्यान रखना होगा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सहायक निदेशक रघुवर दयाल सुथार ने टाइम्स से बातचीत करते हुए बताया कि क्षेत्र में अनार के बाग लगा कर किसान अच्छा लाभ ले सकते है। परंतु क्षेत्र के तापमान में रहने वाले उतार चढ़ाव के कारण यहां अनार फटने की समस्या सामने आती है। इसके लिए किसान विशेष ध्यान देवें और 0.2% बोरोन का छिड़काव अवश्य करें। सिंचाई नियमित रखें क्योंकि फल फटने के कारण मुख्यत बोरोन की कमी और अनियमित सिंचाई ही मुख्य कारण होता है। सुथार ने बताया कि अनार के पौधों पर वर्ष में तीन बार फूल आते हैं जिसे अम्बे बहार, मृग बहार, हस्त बहार के रूप में जाना जाता है। परंतु फल एक ही बार लिए जाते है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के अनुकुल हस्त बहार (सितंबर-अक्टूबर) के फूलों से फल लेना अच्छा सबसे उत्तम है क्योंकि इस समय का तापमान अनुकुल रहता हैं। जिस से फल फटते नहीं व बड़े तथा अच्छी गुणवत्ता वाले प्राप्त किए जा सकते है।
बागवानी को प्रात्साहन दे रही है सरकार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कृषि पर्यवेक्षक बनवारीलाल सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान खरीफ और रबी की फसल की तुलना में अब बागवानी से भी अच्छा लाभ ले रहे हैं। सरकार भी प्रोत्साहन देकर बागवानी को बढ़ावा दे रही है। बाग लगाने पर राज्य उद्यान विभाग से पौधों और खाद के कुल ख़र्च का 50% या 7,500 रुपये जो कम हो प्रति बीघा अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही बाग में ड्रिप सिंचाई सिस्टम लगाने पर 70% अनुदान व एससी-एसटी व महिला किसान को 75% अनुदान का प्रावधान हैं।
जाने एक बीघा में कितने लगावें अनार के पौधे, सबसे उत्तम किस्म है सुंदरी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बनवारीलाल सैनी ने बताया कि 1 बीघा में अनार का बाग लगाने के लिए 5×5 मीटर की दूरी से पौधे लगाए जाते है। जिससे 100 पौधे एक बीघा में लग जाते हैं। (सघन बागवानी में 150-200 पौधे/बीघा)। सैनी ने बताया कि क्षेत्र में अनार की सुंदरी (भगवा) किस्म उपयुक्त रही हैं। जिसकी लागत 45-50 रुपये प्रति पौधा रहती हैं। अनार का पौधा लगाने के 3 साल बाद पहली बार फल लिए जाए हैं। हस्त बहार में प्रति एक अनार के पौधे के औसतन 10 से 20 किलोग्राम फल लगते है जिनका बाजार भाव करीब 40-70 रुपये रहता हैं। मोटे अनुमान के तहत 1 बीघा में 1000 से 2000 किलो फल मिलते हैं जो करीब 70से 90 हजार रुपये के होते हैं।
अनार का बाग लगाते समय बरतें ये सावधानी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अनार की बागवानी करने से पहले किसान मिट्टी पर ध्यान देवें। अनार विभिन्न प्रकार की मृदाओं में उगाया जा सकता है। फलों की गुणवत्ता एवं रंग भारी मृदाओं की अपेक्षा हल्की मृदाओं में अच्छा होता है। अनार मृदा लवणीयता 9.00 ई.सी./मि.ली. एवं क्षारीयता 6.78 ई.एस.पी. तक सहन कर सकता है। वहीं पौध रोपण के एक माह पूर्व 60 * 60 * 60 सेमी. (लम्बाईं * चौडाई * गहराई.) आकार के गड्ढे खोद कर 15 दिनों के लिए इन्हें खुला छोड दें। तत्पश्चात गड्ढे की ऊपरी मिट्टी में 20 किग्रा.पकी हुई गोबर की खाद, 1 किग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट, 50 ग्राम क्लोरो पायरीफास चूर्ण मिट्टी में मिलाकर गड्डों को सतह से 15 सेमी. ऊचाई तक भर देवें। गड्ढे भरने के बाद सिचाई करें ताकि मिट्टी अच्छी तरह से जम जाए। उसके बाद पौधों का रोपण करें और रोपण के तुरन्त बांद सिंचाई अवश्य करें। इसमें खाद व उर्वरक डालने के लिए ध्यान देवें-
- पत्ते गिरने के एक सप्ताह बाद या 80-85 प्रतिशत पत्तियों के गिरने के बाद खाद एवं उर्वरक को पौधों की आयु के अनुसार कार्बनिक खाद एवं नाइट्रोजन, फॉ्स्फोरस और पोटाश का प्रयोग करें। पकी हुई गोबर की खाद नाइट्रोजन, फॉ्स्फोरस तथा पोटाश की दर को मृदा परीक्षण तथा पत्ती विश्लेषण के आधार पर उपयोग करें। खाद एवं उर्वरकों का उपयोग केनोपी के नीचे चारों ओर 8-10 सेमी. गहरी खाई बनाकर देना चाहिए।
- नाइट्रोजन एवं पोटाश युक्त उर्वरकों को तीन हिस्सों में बांट कर पहली खुराक सिंचाई के समय या बहार प्रबंधन के बाद और दूसरी खुराक पहली खुराक के 3-4 सप्ताह बाद दें, फॉ्स्फोरस की पूरी खाद को पहली सिंचाई के समय दें।
- नाइट्रोजन की आपूर्ति के लिए काली मिट्टी में यूरिया एवं लाल मिट्टी में कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग करें। फॉ्स्फोरस की आपूर्ति के लिए सिंगल सुपर फास्फेट एवं पोटाश की आपूर्ति के लिए म्यूरेट आफ पोटाश का प्रयोग करें।
- नाइट्रोजन की आपूर्ति के लिए काली मिट्टी में यूरिया एवं लाल मिट्टी में कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग करें, फॉ्स्फोरस की आपूर्ति के लिए सिंगल सुपर फास्फेट एवं पोटाश की आपूर्ति के लिए म्यूरेट आफ पोटाश का प्रयोग करें।
- जिंक, आयरन, मेगनीज तथा बोरान की 25 ग्राम की मात्रा प्रति पौधे में पकी गोबर की खाद के साथ मिलाकर डाले, सूक्ष्म पोषक तत्व की मात्रा का निर्धारण मृदा तथा पत्ती परीक्षण द्वारा करें।
- जब पौधों पर पुष्प आना शुरू हो जाएं तो उसमें नाइट्रोजन: फास्फोरस : पोटाश 12:61:00 को 8 किलो/हेक्टेयर की दर से एक दिन के अंतराल पर एक महिने तक दें।
- जब पौधों में फल लगने शुरू हो जायें तो नाइट्रोजन: फास्फोरस : पोटाश 19:19:19 को ड्रिप की सहायता से 8 कि.ग्रा./हैक्टेयर की दर से एक दिन के अंतराल पर एक महीने तक दें।
- जब पौधों पर शत प्रतिशत फल आ जाऐ तो नाइट्रोजन: फास्फोरस : पोटाश00:52:34 या मोनोपोटैशियम फास्फेट 2.5 किलो/हेक्टेयर की मात्रा को एक दिन के अन्तराल पर एक महीने तक दें।
- फल की तुड़ाई के एक महीने पहले कैल्शियम नाइट्रेट की 12.5 किलो ग्राम/हेक्टेयर की मात्रा ड्रिप की सहायता से 15 दिनों के अंतराल पर दो बार दें।
- अनार के फल लगने के 120 -140 दिन बाद पक कर तैयार हो जाते हैं तब इनकी तुड़ाई करनी चाहिए।
आप श्रीडूंगरगढ़ अचंल में कृषि खेती के बारे में कोई सूचना या नवाचार के बारे में 7339967401 पर विक्रम स्वामी को बता सकते है।









