






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 अक्टूबर 2024। आज के समय में हम सभी स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप जैसे गैजेट्स का इस्तेमाल करते हैं। ये हमारे जीवन का हिस्सा बन गए हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका ज्यादा इस्तेमाल हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है? लगातार स्क्रीन देखने से पीठ, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और कमजोर हड्डियों का कनेक्शन
कई शोध बताते हैं कि 20 से 40 साल के लोगों में पीठ और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं में 50% का जबरदस्त इजाफा हुआ है, जिसका सीधा संबंध गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से है। जाहिर है, जितना ज्यादा हम डिजिटल डिवाइसों पर निर्भर हो रहे हैं, उतनी ही तेजी से हमारी रीढ़ की हड्डी पर भी असर पड़ रहा है। इस समस्या को नजरअंदाज करने से गर्दन में दर्द, कंधों में अकड़न, सिरदर्द और फिजिकल एक्टिविटी में कमी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। डॉक्टर भी यही बताते हैं कि अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज मोबाइल-लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल के कारण गर्दन और पीठ दर्द से परेशान हैं।
ज्यादा स्क्रीन टाइम से होने वाली समस्याएं
स्क्रीन के सामने लगातार घंटों बिताने से गर्दन में अकड़न, कंधों में दर्द और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ट्रैवल करते समय मोबाइल का इस्तेमाल या काम के दौरान लैपटॉप पर झुककर बैठना, गलत मुद्रा में बैठना या लंबे समय तक एक ही पोजीशन में रहना पीठ दर्द का बड़ा कारण बन रहा है। जब हम गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखते हैं, तो गर्दन, पीठ और रीढ़ की हड्डी पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है। नॉर्मल पोजीशन में, गर्दन और पीठ सीधी होती हैं लेकिन लगातार झुकाव से रीढ़ की हड्डी पर तनाव पड़ता है।
ऐसे रखें रीढ़ की हड्डी का ख्याल
रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए हमें कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। नियमित रूप से वेटलिफ्टिंग, योग, मेडिटेशन, स्ट्रेचिंग और कार्डियो एक्सरसाइज करना चाहिए। इससे रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत बनी रहती है। हमें लंबे समय तक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और बैठते समय आगे की ओर झुकने की आदत को छोड़ना चाहिए। सही मुद्रा में बैठना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही एक अच्छी क्वालिटी वाली कुर्सी का इस्तेमाल करके आप अपनी हड्डियों को स्वस्थ रख सकते हैं।
ऑफिस जॉब और पीठ दर्द
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग ऑफिस में घंटों बैठकर काम करते हैं। लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं आम हो गई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 20 से 50 साल की उम्र के लोगों में पीठ और रीढ़ की हड्डी की समस्याएं 50% तक बढ़ गई हैं। इसलिए, हमें काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेने चाहिए और अपनी बैठने की पोजीशन को सही रखना चाहिए। नियमित रूप से स्ट्रेचिंग करना भी बहुत जरूरी है। इससे पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और दर्द से राहत मिलती है।




