






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 दिसंबर 2025। विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायतें 2025 में 64 ग्राम पंचायतें हो गई है और दो पंचायत समितियां हो गई है। क्षेत्र में गत एक दशक में ग्राम पंचायतें दुगुनी से अधिक बढ़ गई है। जिससे राजनीति में अवसर दुगुने से अधिक बढ़े है। क्षेत्र में 2015 तक 30 ग्राम पंचायतें थी। इसके बाद 2015 में हुए परिसीमन में ग्राम पंचायतों की संख्या 42 हो गई और 42 सरपंच चुने गए। राजनीति इससे मजबूत हुई वहीं क्षेत्र के लोगों की विकास की उम्मीदें भी बढ़ी। इसके बाद मात्र पांच वर्ष में 2020 में पुन: परिसीमन हुआ। इस बार क्षेत्र में ग्राम पंचायतों की संख्या 53 हो गई, इसी के साथ क्षेत्र में राजनीतिक रोजगार के अवसर बढ़ गए। ये मौका 2025 में ओर अधिक बढ़ गया है और संभावित प्रत्याशियों की दौड़ भाग भी शुरू हो गई है। 2025 के परिसीमन में ग्राम पंचायतों की संख्या 64 हो गई है। इसी के साथ विधानसभा क्षेत्र में दो पंचायत समितियां हो गई। अब प्रधान भी दो होंगे और प्रभावशाली नेताओं की जोर आजमाईश शुरू हो गई है। पंचायत समिति सदस्यों, जिला परिषद सदस्यों की सीटों में इजाफा होने के साथ इन पर भी गांवो के विकास की जिम्मेदारी बढ़ेगी। इस प्रकार क्षेत्र में राजनीति के क्षेत्र में एक दशक में दुगुने अवसर बढ़ने की चर्चा हो रही है। नई ग्राम पंचायतों में नए नेताओं को अवसर मिलेगा और अनेक प्रत्याशी जोड़ तोड़ की गणित के साथ गांव के मौजिजों के चक्कर और नेताओं के यहां हाजिरी देने में व्यस्त हो गए है।
दो ग्राम पंचायतों के ग्रामीण तरस रहें भवन के लिए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 दिसंबर 2025। 2025 ने जाते जाते क्षेत्र की राजनीति के सरगर्मियां बढ़ा दी है। वहीं जालबसर व कितासर भाटीयान में ग्रामीण पंचायत भवन के लिए तरस गए है। जालबसर के ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए बताया कि आपसी राजनीति फुट के चलते भवन के लिए भूमि चिन्हीकरण के बावजूद भवन नहीं बनाया गया है। प्रथम सरपंच चुनादेवी व निर्वर्तमान सरपंच व प्रशासक ओमप्रकाश लूखा ने भवन निर्माण के प्रयास किए परंतु मामला कोर्ट पहुंच गया। ग्रामीणों ने अब वर्तमान विधायक से भी मामले का निस्तारण कर भवन निर्माण करवाने की उम्मीद जताई है। वर्तमान में ग्राम पंचायत का संचालन राजीव गांधी भवन में हो रहा है और ग्रामीण इससे नाखुश है। ग्रामीणों ने इसमें बिजली-पानी सहित सुलभ सुविधाएं तक नहीं होने की बात कही। विकास अधिकारी मनोज कुमार धायल ने कहा कि जालबसर मामले में कोर्ट का स्टे है, स्टे हटने का ही इंतजार है।
कितासर भाटीयान से जब 2020 में कितासर बीदावतान अलग हुई तो भाटीयान का ग्राम पंचायत भवन बीदावतान में बने होने के कारण बीदावतान उसी भवन में मुख्यालय बनाने को तैयार हुआ। दोनों पंचायतें गत पांच सालों से उसी भवन में संचालित हो रही है। भाटीयान में नया भवन बनाने की तैयारी की गई परंतु भूमि के लिए विवाद हो गया। यहां भी मामला कोर्ट में अटक गया। गत दिनों ग्रामीणों ने विवाद को आपसी समझ से सुलझाया व कोर्ट में एक पक्ष ने परिवाद वापस ले ली। पंचायत समिति विकास अधिकारी मनोज कुमार धायल ने बताया कि कितासर भाटीयान में भवन का निर्माण शीघ्र होगा। ग्रामीणों द्वारा मामला वापस लेने से कोर्ट का स्टे एक माह पहले टूट गया है। यहां भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। भूमि का निर्धारण होते ही ग्राम पंचायत भवन निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
नई पंचायतों में चर्चाएं शुरू।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 2025 में नवगठित पंचायतों में ग्रामीणों में उत्साह है वहीं चुनावी तैयारी व ग्राम पंचायत भवन कहां बनेगा की चर्चाएं शुरू हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया जारी है। वहीं राजस्थानी पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 12(6) के तहत पहली बार में अनुसूचित जाति के मतदाता 15 प्रतिशत या उससे अधिक हैं, वहां प्रथम चुनाव में सरपंच का पद एससी वर्ग हेतु आरक्षित रहने की पूरी संभावना है। सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज भी वायरल हो रहें है, हालांकि ये आधिकारिक रूप से अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है। वहीं 2020 में गठित सभी ग्राम पंचायतों में सभी एससी के सरपंच चुने गए थे, उनमें इस बार रोस्टर प्रणाली लागे होने से चुनावी संभावनाएं बढ़ेगी।
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