






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 अप्रैल 2025। कालू बास के बोथरा कुंआ पर हनुमानजी के यशोगान के स्वर मंगलवार को गूंज उठें और श्रद्धालुओं ने भक्ति के साथ बाबा के जयकारे लगाए। पांच दिवसीय हनुमान कथा के वाचक पंडित विष्णुदत्त शास्त्री ने हनुमानजी की विनयशीलता का परिचय देते हुए कहा कि उनके समान बलशाली, बुद्धिमान दूसरा कोई सृष्टि में नहीं परंतु वे अपना परिचय रामदूत कह कर देते थे। उन्होंने कहा कि ऋषियों का अपमान करने पर भयानक परिणाम भुगतने पड़ते है। शास्त्री ने कहा कि सनातन संस्कृति पर ही नहीं पूरे विश्व पर ऋषियों का उपकार है। उन्होंने वर्ण से लेकर स्वर्ण और जीवनरक्षक औषधियों के साथ शास्त्र व शस्त्र की खोज कर मानव जाति का कल्याण किया। उन्होंने भारत के ऋषियों का मान सम्मान करने की प्रेरणा दी। कथावाचक ने विद्यार्थी के लक्षणों का वर्णन करते हुए जिसमें ज्ञान की उत्कंठा हो उसे विद्यार्थी कहा। सूर्य नारायण भगवान से हनुमानजी की शिक्षा दीक्षा होने का प्रसंग सुनाया। इस दौरान अनेक संगीतमय हनुमान भजनों का गान किया गया। पहले दिन कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु व महिलाएं शामिल हुई। आज की कथा विराम के बाद हनुमानजी की आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सुबह निकली कलश यात्रा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंगलवार सुबह कथा से पूर्व धूमधाम से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा सीताराम मंदिर से कथा स्थल तक पहुंची। महिलाओं ने मंगल वेश में कलश लेकर यात्रा में भाग लिया। सोमवार देर रात तक कथा स्थल पर कथा आयोजन की तैयारियां पूर्ण की गई। पुजारी श्रवणकुमार छंगाणी ने बताया कि कस्बे में प्रथम बार हनुमान कथा के माध्यम से भगवान हनुमान का यशगान हो रहा है।





