






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 सितंबर 2024। देश में वामपंथी राजनीति की धुरी रहें माकपा के बड़े चेहरे कॉमरेड सीताराम येचुरी का दिल्ली एम्स में गुरूवार को निधन हो गया। उन्हें 19 अगस्त 2024 को येचुरी को निमोनिया की शिकायत होने के कारण भर्ती करवाया गया था जहां 72 वर्ष की उम्र में उनका दोपहर तीन बजकर तीन मिनट पर अंतिम सांस ली। इस खबर के फैलने के साथ ही श्रीडूंगरगढ़ में माकपा में शोक की लहर छा गई। सूडसर में पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने अपने निवास स्थान पर सपत्नी माकपा का झंडा झुकाकर अपने नेता को अलविदा कहा। महिया ने टाइम्स को बताया कि सीताराम येचुरी साहस का दूसरा नाम थे और जीवन भर पीड़ितों व वंचितों के लिए संघर्ष करते रहें। उनके साथ मनोज, कालूराम मेघवाल, ओमप्रकाश, लिच्छुराम, कैलाश नायक, महेंद्र महिया, विश्वजीत महिया, पूनमचंद नायक सहित आसपास के किसान मौजूद रहें। वहीं दूसरी और श्रीडूंगरगढ़ माकपा कार्यालय में भी कॉमरेड को अलविदा कहने युवा साथी एकत्र हुए और लाल झंडा झुका कर दो मिनिट का मौन रखा। इस दौरान युवा मुकेश ज्याणी, जावेद बहलिम, ताहिर काज़ी, कुलदीप जाखड़, शौकीन काजी ने शोक जताया। सूडसर उपतहसील मुख्यालय पर माकपा नेताओं ने झंडा झुकाकर अपने नेता के चित्रपर पुष्पाजंलि अर्पित कर शोक जताया। यहां माकपा तहसील सचिव कॉमरेड मोहन भादू, निजी शिक्षण संस्थान के संभाग अध्यक्ष मास्टर कोडाराम भादू, किसान सभा तहसील सचिव राजेंद्र जाखड़, दलित शोषण मुक्ति मोर्चा के शेखर रैगर, उपसरपंच लालचंद सारण, दानाराम प्रजापत, क्रय विक्रय सहकारी समिति सदस्य गोपाल भादू मौजूद थे।






