May 21, 2026
26jan

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 जून 2022। युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण ठुकरियासर से 12 किलोमीटर विहार कर गांव आड़सर पहुंचे। मार्ग में जाते हुए भी संत को देखकर ग्रामीण महिलाएं नतमस्तक हो गई और मार्ग में जो भी मिलता गया वही गुरू चरणों में वंदन करने झुकता गया। आचार्यश्री सभी को अपना स्नेहील आशीर्वाद देते हुए इस तपती गर्मी में चलते रहें और गांव आड़सर के तेरापंथ भवन पहुंचे।
अभिनंदन में उमड़ आए ग्रामीण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव आड़सर में तेरापंथ समाज के करीब 40 घर है और हर घर से नागरिक आचार्यश्री की अगुवाई में खड़े रहें। गाजे बाजे के साथ अनेक समाज के ग्रामीणों ने आचार्यश्री का स्वागत किया।
कामना का अतिरेक अहितकर है- आचार्यश्री महाश्रमण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रवचन पांडाल में आचार्यश्री ने कहा कि कामना का अतिरेक की अहितकर होता है। कामना, इच्छा सभी के भीतर होती है और इच्छा प्रशस्त और अप्रशस्त होती हैं। आचार्यश्री ने कहा कि मनुष्य यदि प्रशस्त इच्छा रखे तो वह उसके लिए हितकारी हो सकती है तथा अप्रशस्त इच्छाएं अहितकर होती हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को संतोष होना अच्छी बात है, किन्तु संतोष के भी दो भेद हैं। आदमी को किन-किन चीजों में संतोष करना चाहिए और किन-किन चीजों में संतोष नहीं करना चाहिए। स्वदार, भोजन और धन में संतोष करने का प्रयास होना चाहिए। यदि इनमें संतोष की भावना है तो अच्छी बात होती है। इसी प्रकार अध्ययन, जप और दान में संतोष नहीं करना चाहिए। इन तीनों में जितना असंतोष हो, उतना ही अच्छा होता है। अध्ययन में कोई एक-दो पुस्तकों के अध्ययन से संतुष्ट हो जाए तो भला क्या और कहां तक पढ़ाई कर पाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा देने में भी संकोच नहीं होना चाहिए। जितना संभव हो सके, सेवा करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कठिनाई में भी प्रसन्न रहने की बात कही।
घर घर में छाई रौनक, बहन बेटियों ने परिवार सहित किए दर्शन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव में तेरापंथ समाज के हर घर में बहन, भुआ, बेटी अपने परिवारों के साथ आचार्यश्री के दर्शन करने गांव में पहुंची हुई है। घरों में रौनक छा गई है और सभी संतो की सेवा में जुटें है।

श्रद्धालुओं ने भावाभिव्यक्ति दी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आडसरवासियों के स्वागत का क्रम बालक मोक्ष बरड़िया, राजेश छाजेड़, अजयराज छाजेड़, मनफूल सिंह राजपुरोहित, नीलम बरड़िया, मनीषा तातेड़ व लक्ष्मीकांत बरड़िया ने आचार्यश्री के स्वागत में अपने भाव प्रकट किए। आड़सर तेरापंथ महिला मण्डल, तेरापंथ कन्या मण्डल, केवलचंद तातेड़ परिवार व विद्या नाहर ने अलग अलग स्वागत गीत का गान किया। तेरापंथ सभा की अगुवाई में सभी प्रबंध किए गए है। बता देवें मंगलवार सुबह आचार्यश्री गांव मोमासर के लिए आड़सर से विहार करेंगे।

दूर दूर से श्रद्धालु सेवा व दर्शन के लिए आड़सर पहुंचे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के गांव आडसर में आज तेरापंथ सभा के सदस्यों ने आज भावभरा स्वागत किया और भाव भरी सेवाएं देने में जुटें रहें। समाज के युवा व्यवस्था में जुटे रहें और सेवा के लिए अपने परिवारों के साथ खड़े नजर आए। आड़सर में सेवा करने व आचार्यश्री के दर्शन के लिए श्रीडूंगरगढ़ सहित बीकानेर, गंगाशहर व अनेक स्थानों से नागरिक उपस्थित रहें। इस दौरान श्रीडूंगरगढ़ से भी समाजसेवी मोहनलाल सिंघी, जतन पारख, पन्नालाल पुगलिया, भीकमचंद पुगलिया, तुलसीराम चौरड़िया, सत्यनारायण स्वामी सहित अनेक समाज बंधु आचार्यश्री के दर्शन करने पहुंचे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आचार्यश्री ने सभी को इच्छा के प्रकार बताते हुए अच्छे के लिए प्रयास करने की प्रेरणा दी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीणों ने प्रवचन का लाभ लिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आडसर के तेरापंथ महिला मंडल ने गीतिका प्रस्तुत की।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मार्ग में खेतों की ओर जाती महिलाओं ने अपने सर बोझा उतार कर संत के दर्शन कर उन्हें प्रणाम किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। तेरापंथ समाज के नागरिकों में जबरदस्त उत्साह नजर आया, लगाए जयकारे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीणों ने किया आचार्यश्री का अभिनंदन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आड़सर के तातेड़ परिवार ने की साध्वियों की सेवा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ से सेवा करने पहुंची महिलाएं।