






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 मार्च 2021। श्रीडूंगरगढ़ उपखंड के कई गांवो में ढीले तारों के लटकने की शिकायतें बार बार विभाग को की जाती है तथा जिलाकलेक्टर ने श्रीडूंगरगढ़ में ली अधिकारियों की बैठक में विभाग को लटकते तारों को कसने व ठीक करने की बात कही थी परन्तु विद्युत विभाग के जिम्मेदार सरकारी आदेशों को ताक पर रख कर बेपरवाही बरतते नजर आते है। किसी गांव में शिकायत का निस्तारण करने की रूची व इच्छाशक्ति दोनों की खासी कमी रहती है। कार्रवाई होने की सूचना नहीं आती परन्तु खबर प्रकाशन से अगले कई गांवो से लटक रहे तारों के लिए शिकायतें जरूर आ जाती है। क्षेत्र के गांव बाडेला व ठुकरियासर में ग्रामीण इन लटकते झूलते तारों से सदैव किसी अनहोनी के भय से आशंकित रहते है। गावं ठुकरियासर में गांव से सरस मंदिर की ओर जाने के रास्ते में मात्र 6 फुट की ऊंचाई पर तार है और रास्ते मे लटक रहें है इन तारों के नीचे से ऊंट गाड़े तो गुजरने से डरते है कोई पैदल चलते भी इन्हें छु सकता है। गांव में इस ओर बसे हुए करीबन 200 परिवारों ने प्रशासन से बार बार इन तारों को ऊपर करने की मांग करते हुए शिकायतें दर्ज करवाई है। सरस मंदिर समिति से जुड़े व सरस सेना के अध्यक्ष हनुमान सिंह गोदारा ने कहा कि प्रशासन किसी की बलि लेने के इंतजार में है। कई शिकायतों के बाद भी यहां लटक रही 11 हजार की लाइन को ऊपर करने की कार्रवाई नहीं कि गई है और इससे कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। गोदारा ने कहा कि शीघ्र ये तार ऊपर नहीं किए गए तो सेना सहित यहां बसे परिवारों के ग्रामीण चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। गांव बाडेला में बस स्टेण्ड के पास ही एक थ्री फेस लाइन का पोल गिरने की अवस्था में 2 साल से खड़ा है। ग्रामीणों की शिकायत पर 2020 में इसके पास एक और पोल लगाने की मेहरबानी तो विभाग ने कर दी परन्तु इस नए पोल पर कनेक्शन शिफ्ट करने का समय विभाग को अभी तक नहीं मिल सका है। बरसात के मौसम में इस पोल की वजह से 3 फुट के एरिया में करंट भी आता है और ग्रामीण किसी हादसे की आंशका से परेशान भी होते है। ग्रामीण लगातार नए पोल पर कनेक्शन करने की मांग को दोहरा रहें है परन्तु उनका ये कार्य नहीं हो पा रहा है। अब देखना ये है कि ऐसे छोटे छोटे कार्यों के लिए भी ये सरकारी लालफीताशाही झेल रहें ग्रामीणों के सब्र का इम्तेहान विभाग कब तक लेगा।








