






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 दिसम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में प्रशासनिक असक्षमता के कारण बडी संख्या में नागरिक, बच्चे, महिलाऐं घरों में ही कैद होकर अपना जीवन जी रहे है। प्रशासन की लापरवाही के कारण कस्बे में कई जगहों पर कीचड़ के तालाबों ने लोगों को घरों में बंद कर दिया है। इन लोगों को अपने घरों में ही जेल का अहसास हो रहा है और पालिका द्वारा उनकी इस समस्या पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। श्रीडूंगरगढ प्रशासन के लिए आज महिलाऐं कह रही है कि क्या ये अफसर कभी अपने दफ्तरों से बाहर आकर कस्बे की गलियों का हाल देखेंगे कि लोग किस तरह से पालिका की गलतियों का खामियाजा भुगत रहें है। नागरिक अपने अपने मोहल्लों के नेताओं के पास बात कर थक गए है परन्तु पालिका में काम के नाम पर ढाक के तीन पात है। नागरिक रूआंसे हो जाते है जब बच्चे खेलने के लिए जाने की जिद कर के मन मसोस कर रह जाते है पर गेट के आगे एकत्र पानी में गिर ना जाएं इस कारण उन्हें निकलने नहीं दिया जा सकता। आदमी काम पर जाने के लिए तालाब बनी सड़कों में ईटें रख कर निकल कर आते जाते है। कस्बे के आडसरबास में बाबा श्याम मंदिर के आस पास की चार गलियों में भरा गंदा पानी नागरिकों के घरों की नींवों में जा रहा है। श्याम बाबा के मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का बाबा के दर्शन दुर्लभ हो जाते है और पूरे कस्बे से आने वाले नागरिक यहां रहने वालों को दो बात भी इस व्यवस्था पर सुना जाते है। आड़सर बास के वरिष्ठ नागरिक कोडाराम दर्जी, कानाराम नाई, ओमप्रकाश दर्जी, बद्रीलाल तोषनीवाल, गोपाल दर्जी के घर से निकलना भी दुभर हो गया है। मोहल्ले के जननेता ओमप्रकाश नाई ने कहा कि ये श्रीडूंगरगढ का प्रशासन सो रहा है और कभी यहां आकर हमारा दर्द देख ले तो संभवत उनको शर्म आ सके की नागरिक पालिका के नाकारापन का खामियाजा कैसे चुका रहे है। मौहल्ले के नागरिकों ने कहा कि यहां रहना किसी सजा भुगतने से कम नहीं है, जीना दुभर हो गया है और बार बार शिकायतों के बाद कोई सुनवाई नहीं है। वार्डवासी बुधवार को अधिकारियों को ज्ञापन देंगे व उन्हें मौके पर आकर देखने की मांग करेंगे। फिर भी सुनवाई नहीं होने पर मोहल्लेवासी आंदोलन करेगें। ऐसे ही हालात जमनाप्रसाद लखोटिया के घर से पश्चिम आने वाली पूरी गली गंदे पानी से अटी हुई है। यही स्थिती ब्राइट फ्यूचर स्कूल सहित आड़सर बास की उत्तरी आबादी जिस गली से गुजरती है वहां कि है। इस गली में भी पूरी तरह से गंदा पानी भरा रहता है जहां से राहगिरों को आना जाना ही संभव ही नहीं। स्कूल के विद्यार्थी पिछे की गलीयों से आना जाना करते है। यहां निवासी महिला सावित्री भारद्वाज आने वाले पालिका को जम कर खरी खोटी सुनाते हुए कहा शहर को कोसा।










