






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 फरवरी 2025। कस्बे के युवा कवि व लेखक योगेश स्वामी के प्रथम उपन्यास “अश्कों की विरासत” का आज भारती निकेतन स्कूल के प्रांगण में समारोह पूर्वक विमोचन किया गया। भारती निकेतन विद्यालय में कक्षा 12, कला वर्ग के छात्र योगेश के इस प्रथम प्रयास को स्कूल ने मंच दिया। समारोह में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सुथार ने योगेश की सराहना करते हुए उन्हें लेखन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करने की शुभकामना दी। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप साहित्यकार श्याम महर्षि शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्यकार मदन सैनी, वरिष्ठ व्याख्याता छैलूदान चारण, सत्यदीप भोजक, सत्यनारायण स्वामी, भंवरलाल भोजक शामिल हुए। संस्थान के संचालक ओमप्रकाश स्वामी ने युवा लेखक को बधाई दी। वक्ताओं ने जीवन में पुस्तकों का महत्व बताते हुए युवाओं को लक्ष्य तय करने, जीवन में नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने स्मार्ट फोन का संतुलित प्रयोग करने व भाषा की शुद्धता के बारे में ध्यान दिए जाने की बात कही। योगेश ने पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये प्रेम, संघर्ष व सफलता की पृष्ठभूमि पर रचित उपन्यास है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उन्हें कविताएं लिखने व पढ़ने में विशेष रूचि रही और अपने दादा की प्रेरणा से इस उपन्यास की रचना की है। लेखक ने सभी से इसे पढ़ने की अपील भी की। समारोह में किशनलाल राजपुरोहित, सीमा भोजक सहित स्कूल का स्टाफ व विद्यार्थी शामिल हुए। योगेश के दादा शिक्षाविद् आसाराम स्वामी ने सभी का आभार जताया। समारोह का मंच संचालन दिनेश चारण ने किया।





