






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 मार्च 2024। केंद्र सरकार की नौकरी व 12वीं पास छात्र छात्राएं जो जेईई मेन के द्वारा इंजीनिरिंग में प्रवेश परीक्षा में बैठने की योग्यताएं रखते है। वे सभी युवा श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन की बेपरवाह व्यवस्था से बड़ी परेशानी का सामना कर रहें है। युवाओं ने रोष जताते हुए बेपरवाही का आरोप लगाया है। बच्चों सहित उनके अभिभावकों की परेशानी का सबब उपखंड कार्यालय में केन्द्रीय ओबीसी प्रमाण पत्र पर सक्षम अधिकारी उपखंड अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होना है। बता देवें गत 8 दिनों से सीट रिक्त है और ऐसे में आज इंजीनिरिंग में प्रवेश परीक्षा जेईई मेन का फार्म भरने की अंतिम तिथि है।
आठ दिन से सीट रिक्त से बढ़ी परेशानी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शुक्रवार 23 फरवरी को मुकेश चौधरी ने कार्य किया व इसी दिन वे रिलीव हुए। वहीं शनिवार, 24 फरवरी को भारती फुलफकर ने जॉइन किया। जिसमें शनिवार व रविवार दो दिवसीय अवकाश के दौरान कार्य नहीं हो पाए। सोमवार को श्रीडूंगरगढ़ ईआरओ के रूप में भारती जयपुर ईआरओ ट्रेनिंग में भाग लेने चले गए। शुक्रवार तक उनकी ट्रेनिंग रही और आज संभवत व ट्रेनिंग से रिलिव होगी। इस बीच बुधवार को नए आदेश के तहत उमा मित्तल को श्रीडूंगरगढ़ एसडीएम लगाया गया। नए एसडीएम ने अभी तक जॉइन नहीं किया है। करीब आठ दिन से उपखंड अधिकारी की सीट रिक्त है और युवा कार्यालय के चक्कर काट कर परेशान हो रहें है।
आज अंतिम तिथि, यूपीएससी के प्री के लिए 5 मार्च अंतिम तिथि।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। देश की सबसे बड़ी इंजीनिरिंग प्रवेश परीखा जेईई मेन के अप्रेल सेशन में सम्मिलित होने के लिए ऑनलाइन आवेदन की आज अंतिम तिथि है और ऐसे में बड़ी संख्या में क्षेत्र के विद्यार्थी निराश हो रहें है। आज रात 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे व 11.50 बजे तक फीस जमा करने की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर यूपीएससी प्री के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है और ऐसे युवा भी प्रमाण पत्र के लिए उपखंड कार्यालय के चक्कर काट रहें है।
बड़ा सवाल: वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पढ़ रहें युवा व छात्र तैयारी के दबाव में है और ऐसे में वे हस्ताक्षर के लिए परेशान हुए है तो उनके अभिभावकों का गुस्सा उनके चेहरों पर आ गया। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे में प्रशासन उनको टेंशन का प्रेशर क्यों दे रहा है। अनेक युवा विद्यार्थियों ने बड़ा सवाल खड़ा किया कि आखिर वैकल्पिक व्यवस्था कयों नहीं है.? अभिभावकों ने कहा कि प्रशासनिक तौर पर ऐसी स्थितियां आती रहती होगी परंतु इसके कोई वैकल्पिक समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए जिससे आमजन परेशान ना हो और उनके कार्य समय पर हो सकें।




