






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जुलाई 2023। तेज गति से दौड़ती पिकअपें, बाईकें और ट्रेक्टर ट्रालियां, सभी में क्षमता से कई गुना ज्यादा ओवरलोढ़ लोग सवार, हाथों में लाठी, चौसांगियां और देख लेने की धमकियां। यह फिल्मी सीन देखने को मिला रविवार सुबह श्रीडूंगरगढ़ कस्बे से करीब 3 किलोमीटर दूर वन विभाग क्षेत्र में। जहां पर इन दिनों वन विभाग, गोचर, बीहड़ भूमि की लूट मची हुई है और जिसका बस चले वही पावर का उपयोग कर लूट सकता है वह लूट रहा है। इसी लूट की बंदरबांट में रविवार सुबह कस्बे से करीब 3 किलोमीटर दूर दो गुट यहां अपने अपने रेवड़ चराने के लिए एवं एक गुट रेवड़ चराने पर प्रतिबंध लगाने व गौवंश के लिए चारागाह सुरक्षित करने की आवाज बुलंद किए पहुंच गया। तीनों गुटों के सैंकड़ों लोग आमने सामने हो गए एवं गनीमत रही कि किसी भी प्रकार की लड़ाई होने से पहले झगड़े की सूचना पर पुलिस की गाडियां मौके पर पहुंच गई एवं सभी को तीतर बितर करते हुए बैठ कर बातचीत करने के निर्देश दिए।
यह है मामला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़, माणकरासर, गुंसाईसर बड़ा, धोलिया एवं जेतासर गांवों के बीच में करीब 7 हजार बीघा से अधिक वन विभाग व बीहड़ क्षेत्र मौजूद है। इस बार अच्छी बारिश के बाद इस बीहड़ में अच्छा खासा हरा चारा उग आया है। ऐसे में यहां पर अपने अपने रेवड़ चराने की बात को लेकर दो गुटों में संघर्ष चल रहा है एवं इसी बीच एक तीसरा गुट इस क्षेत्र में निजी व्यापार के रूप में रेवड़ पालने वालों के निजी उपयोग के बजाए बेसहारा गौवंश के चरने के लिए यह क्षेत्र सुरक्षित रखने की मांग कर रहा है। इस संबध में तीसरे गुट ने उपखण्ड अधिकारी व प्रशासन को ज्ञापन भी दिए है। लेकिन इस संबध में कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
इनमें हुआ टकराव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में कालूबास में रहने वाले निवासियों के कई रेवड़ इस क्षेत्र में चराए जा रहे है वहीं इस बार गांव पुदंलसर के रेवड़ मालिकों द्वारा भी यहां पर अपना रेवड़ उतार दिया गया है। ऐसे में ये दोनो गुट आमने सामने हो गए है और श्रीडूंगरगढ़ के रेवड़ मालिक इस क्षेत्र को श्रीडूंगरगढ़ की रोही होने के कारण पहला अधिकार श्रीडूंगरगढ़ के रेवड़ मालिकों को बताते हुए पुंदलसर के रेवड़ चराने का विरोध कर रहे है। वहीं पुंदलसर के रेवड़ मालिकों का कहना है कि भूमि किसी गांव की नहीं बल्कि कोई भी चरा सकता है। ऐसे में झगड़े की आशंका गत तीन दिनों से इस क्षेत्र में व्याप्त है।
जिम्मेदार वन विभाग मौन, पौधारोपण का लाखों का बजट खुर्द बुर्द का खाका तैयार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वन विभाग एवं बीहड़ भूमि का मालिक वन विभाग है और वन विभाग द्वारा इस वर्ष भी लाखों रुपए के बजट से बीहड़ भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा। लेकिन लंबे समय से प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी पूरे बीहड़ क्षेत्र में केवल किकर के पेड़ ही लगे हुए है। हर बार की तरह इस वर्ष भी पौधारोपण किया जा रहा है। लेकिन रेवड़ चरने और चरने देने के चक्कर में इस बार पौधारोपण किया ना किया एक जैसा ही परिणाम बन जाएगा।





