






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 जुलाई 2023। आज सुबह कस्बे में नागरिक जब उठे तो कल रात के जलजले से हैरान परेशान थे पर इन सबके बीच एक नजारा सुखद था और वो ये की पानी के बहले सैलाब में शहर में गंगा जमूनी तहजीब नजर आई। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में एक ही दिन में रिकार्ड 208 एमएम बरसात के बाद प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जलभराव से पीडितों के परिजन, पडौसी, स्वयंसेवक, सामाजिक संस्थाएं, जनप्रतिनिधि सभी हर प्रकार का भेद भूल कर एक दूसरे की मदद करने में जुटे दिखे। पानी निकासी से लेकर सामान निकालने तक, छत देने से लेकर भोजन देने तक, शहर के नागरिक एक दूसरे की मदद में जुटे दिखे और एक सामाजिक चेतना की तस्वीर नजर आई। यहां सरकारी प्रयासों के अलावा सिंधी धर्मशाला, विश्वकर्मा धर्मशाला, श्रीराम भवन, बासनीवाल धर्मशाला आदि व्यवस्थापकों ने अपनी धर्मशालाओं के गेट राहत प्रयासों में निशुल्क खोल दिए। नगरपालिका कार्मिकों के साथ साथ कंधे से कंधा मिला कर आपणों गांव सेवा समिति के सेवादार रात भर लोगों के घरों से पानी निकालने में जुटे रहें। कई पार्षद रात भर नहीं सोए और अलसुबह तक पानी निकलवाने के प्रयासों में जुटे रहें। जनप्रतिनिधि भी अनेक घरों में पहुंचे और लोगों को सांत्वना दी। नर नारायण सेवा संस्थान द्वारा जरूरतमंदों को राशन देने की राहत दी गई है और आरएसएस के खंड कार्यवाहक रामलाल सिद्ध सहित प्रदीप कौशिक, राकेश सोनी, नंदकिशोर राठी, शिवरतन कर्वा ने अनेक प्रभावितों के घरों में भोजन के पैकेट पहुंचाए। तो सिराजुद्दीन पंवार ने अतिवृष्टि से बेछत हुए तीन परिवारों को पाईप, तिरपाल, रस्सी आदि देकर अस्थाई छत उपलब्ध करवाई। बाना गांव के भानीराम बाना ने सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों को बुधवार शाम चाय व बिस्कुट की सेवा की। भाजपा के पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा स्वंय रात भर पानी निकासी में जुटे रहे एवं कांग्रेसी नेता केसराराम गोदारा गुरूवार को प्रशासन के प्रतिनिधियों को साथ लेकर वार्ड 23 में पहुंचे और भार्गव मोहल्ले में क्षतिग्रस्त हुए मकानों का सर्वे करवा कर राजकीय मदद के लिए प्रयास शुरू किए। गोदारा ने कहा कि सभी क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करके आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग को सूची बनाकर भेजने की बात तहसील कार्मिकों को कही। इस दौरान प्रतिपक्ष नेता मनोज पारख, ब्लॉक कांग्रेस ओबीसी अध्यक्ष रमेश प्रजापत, पार्षद रमेश बासनीवाल, श्यामसुंदर दर्जी, विनोद वाल्मीकि, नंदलाल बासनीवाल मौजूद रहें। शहर में जो चारों और एक दुसरे की मदद एवं सेवा का भाव देखने को मिला वह पार्टी, जाती, धर्म, अमीर-गरीब आदि सभी भेदों से दूर दिखा।



