






श्रीभागवत कथा में श्रीकृष्ण रूक्मिणी विवाह का वर्णन, लगाया छप्पन भोग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे में स्थित शनिमंदिर के निकट आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के छठें दिन आज कथावाचक राजगुरू रामदेव उपाध्याय ने उधव चरित्र, महारासलीला, रूक्मिणी विवाह का वर्णन किया। उपाध्याय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी को द्वारका में लाकर उनका विधिपूर्वक पाणिग्रहण किया। दस दौरान आयोजक परिवार ने श्रीकृष्ण व रूक्मिणी की झांकी सजाई व वरमाला की रस्म का मंचन किया। भगवान को छप्पन भोग लगाया गया व संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियां हुई जिसमें श्रद्धालुओं ने झूम कर नृत्य किया। राजगुरू देवीलाल उपाध्याय ने शिव पुराण से भगवान विष्ण के मोहिनी रूप का वृतांत सुनाते हुए धर्म की अधर्म पर विजय की बात कही। दिवंगत लूणकरण मोदी परिवार द्वारा आयोजित कथा में हरिप्रसाद श्यामसुन्दर मोदी ने सेवा सहयोगियों का आभार जताया। कथा सुनने बजरंग लाल, विजय कुमार, द्वारका प्रसाद, हरी प्रसाद, अभिषेक कुमार, पवन कुमार, हरी ओम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं कथा में शामिल हुई।

कोटासर में कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुई भागवत कथा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज कोटासर में सात दिवसीय भागवत कथा कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुई। भोमियाजी महाराज मंदिर प्रांगण में प्रारंभ हुई कथा में आज पहले दिन कथावाचक पंडित चंद्रमोहन पंचारिया ने कथा का महात्म्य बताया। इस दौरान श्रद्धालु महिलाएं व युवतियां कलश यात्रा में शामिल हुई और कथा श्रवण की। कथा के दौरान भजन किर्तन भी किया गया। आयोजक मंडली के सहयोगियों ने व्यवस्थाएं संभाली।




