






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 फरवरी 2024। क्षेत्र के एक युवक ने सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद चार दिन मौत से संघर्ष किया और आखिरकार पांचवे दिन उसने दम तोड़ दिया। इस दु:खद घटना की खबर गांव बिग्गा से आई है जहां सात वर्ष व दो वर्ष की दो बेटियां और एक चार साल के लाडले पुत्र को छोड़कर 31 वर्षीय ताराचंद पुत्र माणकचंद मेघवाल निवासी बिग्गा ने इस संसार से विदा ले ली। मृतक के पिता मानसिक रूप से कमजोर है और पत्नी व माता खेती का कार्य कर गुजारा चला रही थी। ऐसे में जब तारांचद का शव आज सुबह गांव बिग्गा लाया गया तो हर किसी के मुंह पर तीनों मासूम बच्चों पर टूटे कहर की ही चर्चा रही। गांव में गमगीन माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सरपंच जसवीर सारण सहित ग्रामीणों ने शोक प्रकट करते हुए व परिजनों को सांत्वना दी।
9 फरवरी को हुआ घायल मंगलवार को तोड़ा दम।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बिग्गा निवासी ताराचंद पाली जिले के गांव खौड में रहकर मजदूरी करता था। 9 फरवरी को वह धन्नाराम पुत्र आसुराम निवासी बालराई, पाली के साथ दिन में करीब 3 बजे के आसपास पाली के पनियारी होटल से जोधपुर की तरफ जा रहे थे। तभी एक नौजवान तेज गति से मोटरसाइकिल चला कर पीछे से आगे आया और अचानक ब्रेक लगा देने से गिर गया। इससे ताराचंद व धन्नाराम सामने पड़ी मोटरसाइकिल से भिड़ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने दोनों को पाली के राजकीय अस्पताल पहुंचाया जहां से ताराचंद को जोधपुर रेफर कर दिया। पाली पुलिस ने उसे जोधपुर में एमडीएम अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां 10 फरवरी को उसका भाई भैराराम पहुंच गया। भैराराम ने बताया कि ये बाते उसके घायल भाई ने उसे बताई। 13 फरवरी की शाम को ताराचंद ने दम तोड़ दिया और आज सुबह शव को गांव लाया गया व अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के भाई भैराराम ने पाली के सदर थाने में अज्ञात युवक के खिलाफ मामला भी दर्ज करवा पुलिस से जांच की मांग की है।



