May 20, 2026
WhatsApp Image 2020-08-25 at 19.52.36(1)

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 अगस्त 2020। लॉकडाउन के बाद से ही कृषि मंडी में व्यापार गति पकड़ ही नहीं रहा है। कभी लॉकडाउन का बंद, कभी सोशल डिस्टेंसिंग की पाबंदी, तो कभी सरकार द्वारा लागू कृषक शुल्क का विरोध और अब केन्द्र सरकार के जारी अध्यादेश 2020 का विरोध लगातार मंडी कारोबार ठप्प सा है। कोरोना काल से ही लगातार किसान भी परेशान हो रहे है व कच्चा माल लेने वाले व्यापारी भी मंडी बंद होने से हैरान होते है परन्तु सरकारें बेपरवाह बनी हुई है। किसान आज भी माल लेकर आए और बेच नहीं पाने से खासा रोष प्रकट किया। आज श्रीडूंगरगढ़ में कृषि मंडी व्यापारियों ने अध्यादेश का जमकर विरोध किया व सरकार से इसमें संशोधन की पूरजोर मांग की। व्यापार संघ श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष श्याम सुदंर पारीक ने कहा कि क्षेत्र के भाजपा नेता व्यापारी हित में आगे आए और केन्द्र सरकार तक विरोध दर्ज करवाएं। पारीक ने कहा कि दोनों पाटिर्यों के नेता अपनी सरकारों के विरोध में आवाज नहीं उठाते है नेताओं को किसान हित में आगे आना चाहिए और आवाज सरकार तक पहुंचाने का काम करना चाहिए। पारीक ने कहा कि इस अध्यादेश से सरकारें मंडियों को समाप्त करने की योजना बना रही है। किसान भी इससे पूर्णतया असंतुष्ट है और सरकार को जनभावना समझते हुए बिल में शीघ्र संशोधन करना चाहिए। व्यापारियों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा और जब तक अध्यादेश में कोई सकारात्मक संशोधन नहीं होगा तब तक मंडी का व्यापारी कोई कृषि उपज मंडी टैक्स, कृषक कल्याण शुल्क व अन्य प्रकार के कोई टैक्स की अदायगी नहीं करेंगे। व्यापारियों ने इसे काला कानून बताते हुए मंडी गेट पर ताला जड़ दिया और इस विरोध प्रदर्शन में व्यापार संघ के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश बाना, भंवर लाल व्यास, ममराज गोदारा, रामनिवास सारस्वत, नोरत मल प्रजापत, रामदयाल बाना, ताराचंद जाखड़, रामकरण जाट, दुर्गाराम महिया, आदि बड़ी संख्या में कृषि उपज मंडी के व्यापारी मौजूद थे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कृषि मंडी के गेट पर ताला जड़ व्यापारियों ने केन्द्र सरकार के अध्यादेश को काला कानून बताते हुए जबरदस्त विरोध प्रकट किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कृषि मंडी व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए कानून में संशोधन की पूरजोर मांग की।