






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 सितम्बर 2020। संभाग के सबसे बड़े चिकित्सालय के रक्तकोष में कोविड के कारण लगने वाले शिविरों की संख्या कम होने के कारण रक्त की कमी आ गई है। रक्तकोष में रक्त की कमी के कारण पीबीएम के सभी चिकित्सालयों में भर्ती होने वाले कैंसर, हार्ट, दुर्घटना, ट्रोमा, प्रसव व अन्य समस्त प्रकार की बिमारियों में रोगियों के जीवन पर संकट आ गया है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ के रक्तवीरों ने यह बीड़ा उठाया है एवं पीबीएम में रक्त की कमी को दूर करना है और इसके लिए यहां के युवा उत्साह से रक्तदान कर रहे है। लॉकडाउन के दौरान यूथ कांग्रेस के आह्वान पर श्रीडूंगरगढ़ के युवाओं द्वारा बीकानेर पीबीएम पहुंच कर 100 युनिट रक्तदान किया गया और लॉकडाउन समाप्त होने के बाद लगातार रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ में 1 जुलाई को यूथ कांग्रेस द्वारा लगाए गए शिविर में 213 युनिट, 15 अगस्त को नागरिक विकास परिषद द्वारा आयोजित शिविर में 280 युनिट, 9 सितम्बर को शहीद कैप्टन चंद्रचौधरी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिविर में 101 युनिट रक्तदान क्षेत्र के युवा कर चुके है। 7 सितम्बर को बीकानेर में सचीन पायलट के जन्मदिन पर आयोजित रक्तदान शिविर में भी श्रीडूंगरगढ़ से कार्यकर्ता पहुंचें एंव रक्तदान किया था। जुलाई, अगस्त एवं सितम्बर इन तीन माह में श्रीडूंगरगढ़ के युवाओं ने 700 युनिट से अधिक रक्तदान कर दिया है एवं अब 16 सितम्बर को लायंस क्लब युनिक द्वारा श्रीडूंगरगढ़ में एवं 19 सितम्बर को रामेश्वरलाल गोदारा की स्मृति में गांव बेनिसर में रक्तदान शिविर आयोजित होने है। इन शिविरों के लिए भी युवाओं में उत्साह है एवं क्षेत्र के युवा रक्तवीर कर पीबीएम चिकित्सालय में किसी भी रोगी की जान खून की कमी से नहीं जाने देने के संकल्पबद्ध दिख रहे है।



