






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 नवबंर 2024। मंगलवार की सबसे बड़ी खबर भामाशाह भीखमचंद पुगलिया के हाइवे स्थित फार्म से आई है। जहां श्रीडूंगरगढ़ में आचार्यश्री महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूल शुरू करने के लिए महासभा का निरीक्षण दल पहुंचा एवं इस भूमि का श्रेष्ठतम मानते हुए दानदाता पुगलिया परिवार का आभार जताया। विदित रहे कि महासभा द्वारा देश भर में 100 स्थानों पर आचार्यश्री महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूलें खोलने की योजना बनाई गई है एवं इस योजना में सबसे पहली घोषणा श्रीडूंगरगढ़ के भीखमचंद पुगलिया ने गत 15 अगस्त को सूरत में आचार्यश्री महाश्रमण के सानिध्य में की थी। पुगलिया द्वारा श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में शिक्षा क्रांति को स्वर्णिम स्तर देने के लिए अपनी 2.5 एकड़ भूमि महासभा को दान दी है एवं 4 करोड़ की लागत से यहां स्कूल का भवन बनाकर दिया जाएगा। पुगलिया के प्रस्ताव पर पूर्व में श्री जैन श्वेताबंर तेरापंथी महासभा ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्राप्त की थी एवं श्रीडूंगरगढ़ में स्कूल खोलना उपयुक्त मानते हुए यहां आचार्य श्री महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूल खोलना स्वीकृत कर दिया है। इसके बाद मंगलवार को महासभा का दल महासभा के मंत्री विनोद बैद की अगुवाई में स्थान अवलोकन के लिए श्रीडूंगरगढ़ पहुंचा। नेशनल हाइवे पर जयपुर की ओर कस्बे से चार किलोमीटर दूर इस भूमि पर भीखमचंद पुगलिया सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दल के सदस्यों का स्वागत किया। महासभा मंत्री विनोद वेद ने बताया कि भीखमचंद पुगलिया ने अपने कस्बे में श्रेष्ठ स्कूल का निर्माण करवाने की पहल आगे आकर की और अपनी भूमि देने की पेशकश के साथ भवन बनवा कर देने की घोषणा की। जिसे सभा ने स्वीकृति दे दी है। देश भर की सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में श्रीडूंगरगढ़ स्कूल शामिल होगी ये प्रयास किया जाएगा। इसी वर्ष भूमि पूजन करने व 2026 के सत्र से स्कूल में प्रवेश दिए जाने का लक्ष्य रखा गया। वेद ने जानकारी दी कि दल की विजिट श्रीडूंगरगढ़ सहित गंगाशहर, जोधपुर, पाली में भी होगी। उन्होंने अभी तक 12 स्थानों पर भूमि अनुदान मिल जाने की जानकारी दी। महासभा उपाध्यक्ष समीर वकील ने बताया कि 100 स्कूलों में 5 स्कूल मॉडल स्कूल बनेंगे और इन 5 स्कूलों में भी श्रीडूंगरगढ़ का स्कूल पहले नंबर पर होगा। महासभा सदस्यों सहित कस्बे के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भामाशाह भीखमचंद पुगलिया का आभार जताया।
ये रहें मौजूद।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस दौरान महासभा के सुदेश आंचलिया, मुकेश मेहता, आशीष भी शामिल रहें। वहीं श्रीडूंगरगढ़ सभा के पूर्व अध्यक्ष विजयराज सेठिया, रिद्धकरण लूनिया, तुलसीराम चोरड़िया, निर्मल कुमार डागा, नेता प्रतिपक्ष अंजू पारख, तोलाराम पुगलिया, एस कुमार सिंधी, शिव स्वामी, मनोज पारख, सूर्यप्रकाश गांधी, सुशील सेरडिया, विक्रम मालू, विनोद भादानी, कमल बोथरा, साहित्यकार श्याम महर्षि, शांतिलाल झाबक, मधु देवी झाबक सहित अनेक मौजिज लोग शामिल रहें। सभी ने यह विद्यालय श्रीडूंगरगढ़ के समग्र समाज के बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने वाला स्थान बनने की बात कहते हुए भामाशाह भीखमचंद पुगलिया एवं जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा का आभार जताया।






