






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जनवरी 2025। क्षेत्र की एक महिला सरपंच ने जागरूक होकर एक प्रशासनिक आदेश की पालना में तुरंत कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। शुक्रवार को उपखंड अधिकारी उमा मित्तल द्वारा सुरक्षा समितियां बनाकर नाकारा व फैल हुए ट्यूबवेल व कुओं के हॉल बंद करवाने के निर्देश दिए गए। उसके बाद आज पहले ही दिन शनिवार को क्षेत्र की ग्राम पंचायत समंदसर की महिला सरपंच धन्नीदेवी गोदारा ने सक्रिय होकर अपनी ग्राम पंचायत क्षेत्र में करीब आधा दर्जन हॉल बंद करवा दिए है। धन्नीदेवी ने टाइम्स को बताया कि उन्होंने टीवी में चेतना के नकारा ट्यूबवेल के गड्ढे में गिरने और उसे निकालने के बारे में, मासूम की मौत व उसके परिजनों के बुरे हाल, लगातार देखे था। तभी उन्हें अपने मन भी इस पीड़ा का एहसास हुआ और उपखंड अधिकारी के निर्देशों के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत ही इन्हें बंद करने के निर्देश गांव में दे दिए। सरपंच पुत्र व प्रतिनिधि खिंयाराम गोदारा ने बताया कि शनिवार को आधा दर्जन नकारा पडें हॉल को बंद करवा दिया गया है और समंदसर व माणकरासर दोनों गांवो में ग्रामीणों से अपील की गई है कि ऐसे हॉल की जानकारी साझा करें जिससे उन्हें बंद करवाया जा सके। गोदारा ने बताया कि उन्होंने लोहे की जालियां बनवाई है। हॉल पर जाली लगाकर उसे बेल्डिंग करवा कर परमानेंट बंद किया जा रहा है। ताकि कोई इन्हें खोल भी नहीं सकें। इस दौरान पटवारी निर्मल पारीक व ग्रामीण केसराराम मेघवाल, रामकरण मेघवाल, सुरजाराम नायक, महेंद्र गोदारा, कानाराम मौजूद रहें।
जागरूक हो जनप्रतिनिधि।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजस्थान में पानी की तलाश में खोदे जाने वाले अनेक गड्ढे मौत का कुआं साबित हो रहें है। ये जगह जगह मिल जाते है व इनसे होने वाली दर्दनाक घटनाएं भी लगातार सामने आती रहती है। ऐसे में प्रशासन सक्रिय हो गया है और श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स की भी अपील है कि ऐसे में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी जागरूक हो। वे गंभीरता व सक्रियता दिखाते हुए अपने अपने क्षेत्रों में खुले पड़े नाकारा ट्यूबवेलों को बंद करवाने का प्रयास ही नहीं कार्य पूरा करें। जिससे हमारा क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना का सामना फिर किसी मासूम चेतना को नहीं करनी पड़ें।





