






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 जनवरी 2025। समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीद किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। शनिवार को यहां खरीद को लेकर बुरी तरह से किसान परेशान हो रहें है। मंडी में बड़ी संख्या में किसान एकत्र हो गए है। किसान नैफेड द्वारा अड़ाए गए नए पेंच का पूरजोर विरोध कर रहें है। नैफेड द्वारा 14 जनवरी को जारी एक आदेश के तहत खरीद की प्रत्येक बोरी पर QR कोड की अनिवार्यता और माल रिजेक्शन पर माल की ज़िम्मेदारी किसान की तय कर दी गई है। किसान इसे पूर्णतया अव्यवहारिक बताते हुए इसका विरोध कर रहें है। बता देवें अब तक किसान ने माल तुलवाने के बाद माल की जिम्मेदारी समिति की थी। समिति द्वारा माल की गुणवत्ता जांच करने के बाद माल खरीद किया जाता है। परंतु अब माल वेयर हाऊस तक जाने के बाद भी रिजेक्ट होता है तो किसान की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। किसानों का मत है कि किसान अपनी बोरी के पैक होने व माल पैक होने के बाद क्यूआर लगाने तक इंतजार नहीं कर सकता है। किसान लगातार तुलवाने के लिए लाइनों में लगे और फिर अपने माल के क्यूआर कोड लगवाने के लिए खड़ा रहें, ये किसान के धैर्य की परीक्षा लेना है। एक दिन में यदि 10 हजार बोरी माल खरीद हो तो 10 हजार के क्यूआर लगने तक एक एक किसान रूका रहें ये कतई व्यवहारिक नहीं है। ऐसे में किसान जमकर विरोध कर रहें है। किसानों ने एकत्र होकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देते हुए विरोध जताया है।
खरीद बंद, किसानों से समझाईश।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों के विरोध के चलते खरीद बंद है। वे नारेबाजी करते हुए विरोध जता रहें है। वहीं विभागीय अधिकारी यशवंत सिंह मौके पर पहुंचे है। सिंह किसानों से समझाईश कर रहें है। सिंह ने टाइम्स को बताया कि किसान नैफेड के नियम का विरोध जता रहें है जिसमें क्यूआर कोड की अनिवार्यता कर दी गई जिससे माल रिजेक्ट होने पर किसान की जिम्मेदारी तय की जा रही है।




