May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 मार्च 2025। पर्यावरण को समझना और इसका संरक्षण करना हमारा नैतिक दायित्व है। जिन लोगों को अपने चारों ओर के पर्यावरण की जानकारी नहीं, उनकी पर्यावरण शिक्षा अधूरी है। हमें अपने विवेक को काम में लेकर पर्यावरण को समझना होगा। तभी हम पृथ्वी, जल, वायु, आकाश एवं अग्नि तत्वों का संरक्षण कर पाएंगे तथा मानवीय जीवन को स्वस्थ एवं कल्याणकारी बना सकेंगे। प्रकृति हमें जितना देती है उससे कई गुना देना हम सबकी की जिम्मेदारी है। यही हमारी सनातन परम्परा है। ये विचार पर्यावरणविद् एवं बीकानेर गोग्राम स्वावलम्बन संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व बैंक मैनेजर निर्मल कुमार बरड़िया ने रखे। वे स्थानीय पीएमश्री राउमावि में ग्रीन स्कूल के अन्तर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में राज्य स्तरीय मुख्य वार्ताकार के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहें थे। उन्होंने श्रीडूंगरगढ़ तहसील में औसत वर्षा, जलवायु, रबी एवं खरीब की फसलें, फूलदार पौधे, औषधीय पौधे, बाजरी, श्री अन्न, केर, तुम्बा, शंखपुष्पी, सांगरी, सेवण आदि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि कम जल में पौधों को कैसे विकसित किया जा सकता है। ‘रामजी की चिड़िया, राम जी का खेत, खाओ भर-भर पेट’ की कहावत का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें प्रकृति में जीव-जंतुओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने वेस्ट जल एवं कचरा-प्रबंधन के तरीके भी बताए। गौ-मूत्र, गोबर आदि के बारे में विस्तार से बताया। बीजारोपण से पौधरोपण की प्रक्रिया बताई गई। खेजड़ी लगाने के फायदे बताए। सरस्वती वंदना से शुरू कार्यक्रम में रॉयल ने हरियालो राजस्थान पर कविता सुनाई। गौ सेवा संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने भी पर्यावरण पर अपने विचार रखे। संयोजक प्रदीप कुमार कौशिक ने कार्यक्रम का परिचय दिया। प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार सैनी ने कार्यशाला में दी गई जानकारी का अपने जीवन में उपयोग करने का सुझाव दिया तथा बरड़िया एवं स्वामी को स्मृति प्रतीक प्रदान कर सम्मानित किया। सत्र में पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, गतिविधियों में सहभागिता तथा किचन गार्डन को विकसित करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। कार्यशाला में बाजरी, ग्वार, भिंडी, लोकी, ककड़ी, खरबूजा, कोला, कचरा, मतीरा आदि कई सब्जियों के बीज वितरित किए गए। गोरख पान, सावा, भंवरलाट, शतावर, कंगनी, रागी, शंखपुष्पी, कोई, अलसी, अश्व गंधा कोदी का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में यूथ एवं इको क्लब प्रभारी डॉ. राधाकिशन सोनी, उपप्राचार्य संदीप कुमार, प्राध्यापक बालाराम मेघवाल, दीपक चौधरी, भंवरलाल स्वामी, दुर्गा देवी, लीलाधर, यशोदा, सुखाराम रैगर, रजनी पाटोदिया, राधेश्याम रैगर, कविता जानूँ, रामलालनाथ सिद्ध, नंदकिशोर सैनी, सुरभि पारीक, सोनल शर्मा, दिव्या कंवर, योग शिक्षक चंद्रप्रकाश वाधवानी आदि उपस्थित थे।